जमशेदपुर : आंध्र भक्त श्री राम मंदिर में चल रहे समन्वय 54 वां ब्रह्मोत्सव के तहत भगवान बालाजी के कल्याण पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया|ब्रह्मोत्सव के बारहवें दिन भगवान बालाजी की विशेष पूजा की गई|


इस अवसर पर भगवान बालाजी को मंदिर प्रांगण के मैदान में बनाये गए पंडाल में भक्तों के बीच पुजारियों ने पालकी पर भ्रमण कराया| इस अवसर पर वहाँ उपस्थित सैकड़ों की संख्या भक्तों ने भगवान बालाजी की जयकारे लगाए| सभी वहाँ दक्षिण भारतीय परिधान में आये थे| पुजारियों ने पीले धोती पहनकर भगवान बालाजी की मंगल कामना की| भगवान का श्रृंगार देखते ही बन रहा था| पालकी पर सवार भगवान की एक झलक के लिए भक्त बेचैन दिखे| दूसरी ओर माता श्री देवी और भू देवी को भी पालकी पर विराजमान किया गया था| भगवान बालाजी और माता लक्ष्मी जी को पालकी को पंडाल में बने मंदिर में स्थापित किया गया| इसके बाद 2 घंटे तक पारंपरिक विधि विधान से विवाह सम्पन्न कराया गया| इससे पहले
सुबह तिरुपति से आये पुजारियों द्वारा 108 कलश में भरे पवित्र द्रव्यों से भगवान बालाजी जी अभिषेकम किया गया| इसके बाद पुजारियों द्वारा उन्हें नए वस्त्र व आभूषण से सुशोभित किया गया| इस दौरान मंदिर परिसर में काफी देर तक वैदिक मंत्रो के उच्चार से पवित्र ध्वनि गूँजेमान रहा| पुजारियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धूमधाम से सम्पन हुई भगवान बालाजी संग श्री देवी व भू देवी की विवाह | इस दौरान सैकड़ों

की संख्या आये भक्तों ने देर तक बालाजी का जयघोष करते रहे| मंदिर परिसर की गूँज काफी दूर दूर तक गूंजेमान होती रही| भगवान बालाजी के विवाह के लिए बनाये गए पंडाल काफी मनमोहक बनाया गया है| कारीगरों द्वारा हूँ बहू तिरुपति स्थित बालाजी की मंदिर जैसा बनाया गया है| मंदिर की खूबसूरती देखती ही बन रही थी| पूरे मंदिर व भगवान बालाजी की प्रतिमा देखने में मानों सचमुच का गोल्ड से बनाया गया है| पंडाल के अंदर बनाये गए मंदिर के बीच में भगवान बालाजी को स्थापित किया गया है|वहीं उनके बगल में माता लक्ष्मी की बड़ी तश्वीर स्थापित किया गया है| मंदिर सभी स्थानों पर खूबसूरत गेंद फूलों के माला से सजाया गया है|
120 * 70 के विशाल पंडाल रहा मुख्य आकर्षण
मंदिर परिसर में बने विशाल पंडाल में एक हजार लोगों के बैठने के लिए कुर्शी लगाए गए है| इसके अलावे पंडाल के दोनों तरफ भक्तों को अलग से व्यवस्था किया गया है| उनके लिए विशेष रूप से एलईडी के बड़ा स्क्रीन लगाया गया था| ताकि पूजा को अच्छे से देख सके| साथ ही पंडाल व मंदिर को रंग बिरेंगे लाइट्स से सजाया गया है|
पूजा के बाद 5 हजार भक्तों के बीच प्रसाद का हुआ वितरण
कल्याणम महोत्सव में भगवान बालाजी के बाद लगभग 5 हजार लड्डू का प्रसाद भक्तों के बीच वितरण किया गया|
वैसे भक्त जो मंदिर समिति के पूजा आयोजन में अलग से रजिस्ट्रेशन कराये थे उनके लिए अलग से प्रसाद वितरण किया गया| लगभग एक हजार भक्तों को चार- चार लड्डू, ब्लाउज पीस तथा राजस्थानी मेटल से बने भगवान बालाजी का स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया|
इसके बाद भक्तों को अन्न के बने महाभोग प्रसाद का वितरण किया गया| प्रसाद में मुख्य रूप से चावल, दाल, पूड़ी, खीर, दो सब्जी, साम्भर, पुलिहोरा शामिल था|

