
लातेहार : जिले से पुलिसिया बर्बरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हेरंज गांव की रहने वाली एक गरीब आदिवासी महिला, पुनिया देवी, खाकी वर्दी के अमानवीय चेहरे का शिकार बनी हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ उनके साथ राह चलते मारपीट की, बल्कि थाने ले जाकर उन्हें टांगकर बेरहमी से पीटा। इस खबर के बाहर आते ही सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है, जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद मामले में दखल दिया है।
खेतों से उठाकर थाने तक जुल्म की दास्तान
झारखंड जनाधिकार महासभा के मुताबिक, यह खौफनाक घटना 5 अक्टूबर की दोपहर की है। पुनिया देवी अपनी बकरी चरा रही थीं, तभी बरियातू थाने के प्रभारी तीन अन्य जवानों के साथ बिना वर्दी में वहां पहुंचे। महिला का कसूर क्या था, यह तो साफ नहीं हुआ, लेकिन आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।
हद तो तब हो गई जब उन्हें जबरन थाने ले जाया गया। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस स्टेशन के भीतर उन्हें किसी अपराधी की तरह उल्टा टांग दिया गया और पट्टे व लाठियों से पीटा गया। इस दौरान उन्हें गंदी-गंदी जातिसूचक गालियां भी दी गईं। पुलिस की इस गैर-कानूनी हिरासत का सिलसिला यहीं नहीं थमा, उन्हें पूरी रात थाने में रखा गया और अगले दिन देर रात जाकर छोड़ा गया।
मुख्यमंत्री ने जताया कड़ा ऐतराज, दिए जांच के हुक्म
जैसे ही इस बर्बरता की भनक सरकार तक पहुंची, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर और शर्मनाक करार दिया। सोशल मीडिया के जरिए लातेहार पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसी मनमानी और अमानवीय स्थिति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला पुलिस को तुरंत पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पूरी रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने का कड़ा निर्देश दिया है।
दोषियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमे की मांग
इस घटना के बाद से ही लातेहार समेत पूरे राज्य के आदिवासी संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में गहरा गुस्सा है। जनाधिकार कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि आरोपी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत सख्त आपराधिक मुकदमा दर्ज हो। फिलहाल, इस पूरे मामले में लातेहार पुलिस की आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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