
पलामू : मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज कराने वाले गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के अब परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसका कारण यह है कि अस्पताल परिसर में संचालित मणिपाल हेल्थ मैप केंद्र ने 1 नवंबर से अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन (CT Scan) की मुफ्त जांच सुविधा बंद कर दी है। इस सुविधा के बंद होने का सीधा असर उन मरीजों पर पड़ रहा है, जो आर्थिक रुप से कमजोर हैं। खासकर गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह सुविधा काफी महत्वपूर्ण थी। यहां बता दें कि उक्त केंद्र की ओर से ऐसे मरीजों को नि:शुल्क व्यवस्था की जा रही थी। संस्थान की ओर से बताया गया कि बंद करने का मुख्य कारण यह है कि लंबे समय से लंबित सरकारी भुगतान को प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
मणिपाल हेल्थ मैप केंद्र के प्रबंधक ने कहा- दो साल से है बकाया
मणिपाल हेल्थ मैप केंद्र के प्रबंधक शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सरकार के पास कंपनी का दो वर्षों का पैसा बकाया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से सरकार के पास कंपनी का करीब 1 करोड़ 24 लाख रुपये बकाया है। भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है।
अस्पताल प्रबंधन ने जल्द भुगतान कराकर सेवा बहाल करने का दिया भरोसा
मुफ्त जांच सेवा बंद होने के मामले में अस्पताल प्रबंधन ने भी स्थिति स्पष्ट की है। अस्पताल के प्रबंधक सुमित सिन्हा ने कहा कि कंपनी को भुगतान नहीं होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने आगे कहा कि बकाया राशि का भुगतान जल्द -जल्द से कराने का प्रयास किया जा रहा है ताकि किसी भी गरीब मरीजों को किसी भी तरह की परेशानियों का सामना न करना पडे।
उन्होंने बताया कि यह भी पता है कि ऐसे कई गरीबी रेखा से नीचे मरीज है, जिनके पास अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन करने में कई तरही की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, दूसरी ओर बता दे कि भुगतान कब तक होगा और मरीजों को दोबारा मुफ्त जांच की सुविधा कब मिलेगी, इस संबंध में फिलहाल कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है।
सरकारी अल्ट्रासाउंड मशीन भी खराब, मरीजों के सामने दोहरी परेशानी
मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मुफ्त जांच सुविधा बंद होने की समस्या इसलिए भी गंभीर हो गई है, क्योंकि अस्पताल में उपलब्ध सरकारी अल्ट्रासाउंड मशीन भी लंबे समय से खराब पड़ी है। एक ओर मणिपाल हेल्थ मैप केंद्र ने मुफ्त अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवा रोक दी है, वहीं दूसरी ओर सरकारी मशीन खराब होने से मरीजों के पास अस्पताल के भीतर जांच कराने का विकल्प भी सीमित हो गया है।
इसका सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर अल्ट्रासाउंड कराने की जरूरत होती है। वहीं, कई गंभीर मरीजों के इलाज में सीटी स्कैन की जांच महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मुफ्त सुविधा बंद होने से उन्हें निजी जांच केंद्रों पर निर्भर होना पड़ रहा है। निजी केंद्रों में जांच कराने के लिए पैसे खर्च करने पड़ते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अतिरिक्त बोझ बन रहा है।
भुगतान में देरी से सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल पलामू जिले का प्रमुख सरकारी अस्पताल है। यहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें ऐसे मरीज भी शामिल होते हैं, जो निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे लोगों के लिए सरकारी अस्पताल में मिलने वाली मुफ्त जांच सुविधाएं काफी अहम हैं।

