Palamu (Jharkhand) : झारखंड के पलामू स्थित मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (MMCH) में बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब दो छात्रों के निलंबन के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया। जूनियर डॉक्टरों ने प्राचार्य डॉ. पीएन महतो के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर सदर हॉस्पिटल पलामू में दोपहर 12 बजे से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने अस्पताल अधीक्षक कार्यालय का घेराव भी किया और प्राचार्य को हटाने की मांग पर अड़े रहे।

अस्पताल प्रशासन और पुलिस कर रहे हैं समझाने का प्रयास
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय कुमार और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों पर कायम हैं। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मौके पर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है। प्राचार्य डॉ. पीएन महतो के खिलाफ गुस्साए जूनियर डॉक्टर अस्पताल परिसर से बाहर आकर सड़क पर भी प्रदर्शन करने लगे, जिससे कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। सदर अस्पताल स्थित गोलघर के पास डॉक्टरों ने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें शांत करने की कोशिश की, लेकिन जूनियर डॉक्टरों का विरोध जारी रहा।
बुनियादी सुविधाओं की कमी व करियर बर्बाद करने की धमकी का आरोप
धरना दे रहे जूनियर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते हैं तो प्राचार्य छात्रों को निलंबित करने की धमकी देते हैं। डॉक्टरों ने बताया कि हाल ही में दो छात्रों को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है और उन्हें हमेशा करियर बर्बाद कर देने की धमकी दी जाती है। उन्होंने प्राचार्य पर आरोप लगाया कि वे हमेशा कहते हैं कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं मिलेगी और उन्हें जैसे-तैसे पढ़ाई करनी होगी। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अगर कोई छात्र कॉलेज की समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाता है तो प्राचार्य उसका भविष्य खराब करने की धमकी देते हैं।
‘प्राचार्य को हटाओ, कॉलेज बचाओ’ के लगे नारे
धरने के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने हाथों में पोस्टर लेकर प्राचार्य के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने ‘प्राचार्य को हटाना है, कॉलेज को बचाना है’ और ‘प्राचार्य को हटाओ, करियर बचाओ’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने मांग की है कि वार्ता के लिए स्वयं प्राचार्य और जिले के उपायुक्त मौके पर आएं और उनकी समस्याओं को सुनें। समाचार लिखे जाने तक जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी था और अस्पताल में कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित रहा।

