Jamshedpur (Jharkhand) : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार को शहर (जमशेदपुर) के दौरे पर आ रही हैं। देश की प्रथम नागरिक की अगवानी में प्रशासनिक अमला तो जुटा ही है, टाटा स्टील भी पीछे नहीं है। सड़कों को सपाट बनाने से लेकर कालीकरण तक का कार्य करीब 15 दिनों से चल रहा है। पुलिस-प्रशासन का मॉक ड्रिल भी आम लोगों को सुरक्षा और सतर्कता की सीख दे रहा है।
आसपास के गांवों में भी हर तरफ तैनाती
रविवार को सड़कों पर न ऑटो (Auto Rickshaw) की धक्का-मुक्की और ना ही एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ नजर आई और न जाम की स्थिति। जबकि, वर्ष 2025 अपने अवसान पर है और रविवार यानी सार्वजनिक छुट्टी का दिन। बावजूद सड़कें खुली-खुली सी। शहर के प्रमुख इलाकों के अलावा बागबेड़ा व आसपास के ग्रामीण हिस्सों में भी चौक-चौराहों पर पुलिस जवान तैनात नजर आ रहे हैं। पूरी यातायात व्यवस्था ही बदल गई है।
करनडीह व एनआईटी तक सड़कें चकाचक
पूरे शहर की यातायात व्यवस्था की बात करें, तो आंशिक तौर पर सुधार नजर आ रहा है। लेकिन, राष्ट्रपति जिस मार्ग से होकर करनडीह और वहां से एनआईटी जमशेदपुर तक का दौरा करेंगी, उनकी स्थिति चकाचक है। जगह-जगह अभी से ही पुलिस व सुरक्षा बलों के झुंड नजर आ रहे हैं। हर वाहन और आमजन पर उनकी निगाहें हैं, जैसे वे भी सीसीटीवी कैमरे का काम कर रहे हों।
फिलहाल हेलमेट चेकिंग से निजात
हां, हेलमेट चेकिंग और इसके नाम पर दोपहिया चालकों की परेशानी अभी दूर हो गई है। हालांकि, शहर के लोग अब हेलमेट का महत्व समझ गए हैं। इसलिए पहन कर ही चल रहे हैं। पीलियन राइडर भी हेलमेट पहने दिख रहे हैं। ऐसा पहले भी होता रहा है। बावजूद हेलमेट या ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर कोई दोपहिया वाहन रोका नहीं जा रहा है।
सिस्टम की मुस्तैदी व बदली व्यवस्था
ऐसे में देखा जाए, तो फिलहाल पूरा फोकस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन (आने से लेकर लौटने तक) पर स्वागत, व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, आवभगत पर है। बावजूद सिस्टम की इस मुस्तैदी ने शहर के माहौल से लेकर व्यवस्था तक को बदल कर रख दिया है। इसकी तुलना में आधी मुस्तैदी भी बनी रहे, तो शहर की सूरत बदल सकती है।

