RANCHI: झारखंड की राजधानी रांची स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स ने इलाज के दौरान मरीजों की मृत्यु के बाद उन्हें सम्मानजनक विदाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा ‘मुक्ति’ की इस व्यवस्था के तहत शव को परिजनों को घर तक पहुंचाने के लिए निःशुल्क मोक्ष वाहन उपलब्ध कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 5 हजार रुपये भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रबंधन ने अब इस सेवा को और मजबूत बनाने के लिए 5 नए मोक्ष वाहन खरीदने की योजना बनाई है। इतना ही नहीं, प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। जल्द ही नए मोक्ष वाहन रिम्स के बेड़े में शामिल होंगे। ज्यादा से ज्यादा लोगों को निःशुल्क मोक्ष वाहन उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है।
नए वाहनों से मिलेगी राहत
एडिशनल मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. शैलेश त्रिपाठी के अनुसार, मौजूदा समय में उपलब्ध वाहनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए नए वाहनों की जरूरत महसूस की गई थी। रिम्स में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों की मृत्यु हो जाती है, जिससे परिजनों को शव ले जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त मोक्ष वाहनों की व्यवस्था से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। मोक्ष वाहन सेवा के तहत शव को अस्पताल से सीधे घर तक निःशुल्क पहुंचाया जा रहा है। इससे परिजनों को न केवल आर्थिक राहत मिली है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम हुआ है।
राज्य सरकार ने की संवेदनशील पहल
एएमएस ने बताया कि राज्य सरकार ने भी इस दिशा में संवेदनशील पहल करते हुए अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजनों को तत्काल 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की है। गर्वनिंग बॉडी (जीबी) से मंजूरी के बाद यह राशि जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत का काम कर रही है, खासकर उन लोगों के लिए, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अचानक इस स्थिति से जूझ रहे होते हैं। हालांकि, कुछ परिजनों ने इस आर्थिक सहायता को लेने से इनकार भी किया है। ऐसे लोगों ने डेथ सर्टिफिकेट के अवेदन में स्पष्ट लिखा है कि उन्हें इस राशि की जरूरत नहीं है।
अब तक 300 से अधिक को मिला लाभ
रिम्स प्रबंधन के अनुसार, अब तक अस्पताल द्वारा मृतकों के परिजनों को कुल 16 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है और लोग इसका लाभ भी ले रहे हैं। डॉ. शैलेश त्रिपाठी ने बताया 300 से अधिक परिजनों को 5 हजार की राशि उपलब्ध कराई गई है। परिजनों के खाते में सीधे ये राशि भेजी जाती है। आने वाले समय में नए वाहनों के जुड़ने से इस सेवा का विस्तार होगा और अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। रिम्स प्रबंधन का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को हर स्तर पर सहायता प्रदान करना है।
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