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Sheikh Hasina : बांग्लादेश में हिंसा के बीच शेख हसीना ने समर्थकों को संबोधित किया : ‘अगर जिंदा बची हूं, तो कुछ बड़ा काम बाकी है’

by Rakesh Pandey
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सेंट्रल डेस्क : बांग्लादेश में जारी राजनीतिक हिंसा और उथल-पुथल के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अवामी लीग पार्टी के समर्थकों से फेसबुक लाइव के जरिए संवाद किया। उन्होंने इस हमले को अपनी हत्या की साजिश करार दिया और कहा कि यह आंदोलन दरअसल उनकी जान लेने के लिए शुरू किया गया था। शेख हसीना ने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस ने उनकी और उनकी बहन को मारने की योजना बनाई थी।

हिंसा के बावजूद जिंदा रहने की उम्मीद

अपने संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि अगर अल्लाह ने उन्हें इन हमलों के बावजूद जिंदा रखा है, तो इसका मतलब यह है कि उनकी ज़िंदगी का कोई उद्देश्य बाकी है। उन्होंने सवाल किया कि अगर ऐसा नहीं होता तो मैं बार-बार मौत को कैसे मात दे सकती हूं? यह बयान उन हिंसक हमलों के संदर्भ में था, जिनका उन्होंने हाल ही में सामना किया।

हमलों की तीखी आलोचना

शेख हसीना ने बांग्लादेश में उनके खिलाफ हो रहे हिंसक प्रदर्शनों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने अपने आवास पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि ‘मेरे घर को आग क्यों लगाई गई। क्या मैंने इस मुल्क के लिए कुछ नहीं किया’। शेख हसीना ने बांग्लादेश के नागरिकों से इंसाफ की मांग करते हुए यह सवाल उठाया कि उन्हें इतना अपमान क्यों सहना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके और उनकी बहन के पास जो भी पुरानी यादें थीं, वे अब खत्म हो चुकी हैं। घर जलाया जा सकता है, लेकिन इतिहास को नहीं मिटाया जा सकता, उन्होंने अपने संबोधन में कहा।

आवास पर हमला और तोड़फोड़

बांग्लादेश में बुधवार आधी रात को जबरदस्त प्रदर्शन हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के आवास को आग लगा दी और उसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह प्रदर्शन पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा दिए गए एक ऑनलाइन भाषण के खिलाफ प्रतिक्रिया के रूप में हुआ। प्रदर्शनकारी ढाका में शेख मुजीबुर्रहमान के घर के भीतर घुसने में सफल रहे, जहां उन्होंने मेन गेट तोड़कर अंदर घुसकर बड़ी तोड़फोड़ की। यहां बता दें कि शेख हसीना अभी भारत में ही हैं।

इतिहास को मिटाना नामुमकिन

शेख हसीना ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि उनका इतिहास और बांग्लादेश की आजादी को कोई भी शक्ति बुलडोजर से नहीं मिटा सकती। उन्होंने कहा, कि मेरे पास भी अब इतनी ताकत नहीं है कि हम अपने राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और स्वतंत्रता को बुलडोजर से नष्ट कर दें, जो हमने लाखों शहीदों की कुर्बानी से हासिल की थी। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उनका घर ढहा दिया गया हो, लेकिन इतिहास को कभी मिटाया नहीं जा सकता।

बांग्लादेश के हालात

बांग्लादेश में इन दिनों राजनीतिक उथल-पुथल के चलते स्थिति गंभीर बनी हुई है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने शेख मुजीबुर्रहमान के घर में घुसने के लिए गेट तोड़े और अंदर घुस गए। हालांकि, शुरू में प्रदर्शनकारियों ने यह धमकी दी थी कि वे रात 9 बजे के बाद बुलडोजर से घर को ढहाएंगे, लेकिन उन्होंने अपनी योजना बदलकर इसे रात 8 बजे ही अंजाम दे दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आवास पर रैली निकाली और भारी तोड़फोड़ की।

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