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Saranda Jungle Encounter : सारंडा जंगल में गूंज रही गोलियों की आवाज, पुलिस-नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी

Jharkhand Hindi News : सारंडा जंगल में अब भी कई कुख्यात माओवादी नेता अपने दस्ते के साथ सक्रिय हैं। सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिलने की संभावना जताई जा रही है

by Rajeshwar Pandey
Saranda Jungle Encounter
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चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर क्षेत्र स्थित सारंडा जंगल में शनिवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ की खबर सामने आई है। जंगल से लगातार गोलियों की आवाज सुनाई देने के कारण आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है।

सुबह 9.30 बजे से हो रही फायरिंग

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे सारंडा जंगल के कुमडीह और कोलबोंगा इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। बताया जा रहा है कि जंगल में कई राउंड गोलियां चलने की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरा इलाका गूंज उठा।

नक्सलियों के दस्ते के घिर जाने की चर्चा

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार जंगल में नक्सलियों का एक दस्ता मौजूद था, जिसे सुरक्षा बलों ने घेर लिया है। इसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। लगातार हो रही गोलीबारी की आवाज से आसपास के गांवों के लोग दहशत में हैं और कई ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर भाग निकले हैं।

अभी नहीं की जा रही आधिकारिक पुष्टि

हालांकि इस घटना की अब तक किसी भी पुलिस अधिकारी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसके बावजूद जंगल से आ रही गोलीबारी की आवाजों ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

डीजीपी ने दिए हैं अभियान तेज करने के निर्देश

गौरतलब है कि एक दिन पहले शुक्रवार को सीआरपीएफ के डीजी ने चाईबासा का दौरा किया था। उस दौरान नक्सल विरोधी अभियान को तेज करने के निर्देश सुरक्षा बलों को दिए गए थे। ऐसे में 24 घंटे के भीतर सारंडा जंगल से मुठभेड़ की खबर आने से इलाके में हलचल बढ़ गई है।

कुख्यात माओवादी के मौजूद होने की संभावना

सूत्रों के मुताबिक इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिलने की संभावना जताई जा रही है। बताया जाता है कि सारंडा जंगल में अब भी कई कुख्यात माओवादी नेता अपने दस्ते के साथ सक्रिय हैं और समय-समय पर हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश करते रहते हैं।

केंद्र सरकार ने तय कर रखी है समय सीमा

केंद्र सरकार ने भी झारखंड को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए मार्च माह तक की समय सीमा तय की है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल सारंडा सहित कई जंगल क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षाबलों की गतिविधि तेज हो गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

मिशन ‘मिसिर बेसरा का गैंग अंतिम टारगेट

सुरक्षाबलों की मुख्य उद्देश्य अब सारंडा में एक करोड़ का इनामी भाकपा माओवादी नक्सलियों का टॉप लीडर मिसिर बेसरा और उसका 50 सदस्यीय दस्ता है। इसी को लेकर विशेष चर्चा की। क्योंकि सारंडा में मिसिर बेसरा का गिरोह ही बचा है।

31 मार्च तक सारंडा को नक्सलमुक्त करने की तैयारी

केंद्र सरकार ने आगामी 31 मार्च तक पश्चिमी सिंहभूम जिले को पूरी तरह से नक्सलमुक्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। समयसीमा नजदीक आने के कारण अभियान को तेज करने और नक्सलियों का जड़ से खत्म करने करने का मन बना लिया गया हैं।

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