निरसा (धनबाद) : नियोजन व मुआवजे की मांग को लेकर एमपीएल के मुख्य द्वार पर रविवार को पांचवें दिन धरने पर बैठी मृतक विजय किस्कू की पत्नी मंगली किस्कू की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आंदोलन के समर्थन में बैठे पांड्रा पश्चिम के पूर्व मुखिया रोबिन धीवर व अन्य लोगों ने उसे इलाज के लिए एमपीएल के एंबुलेंस से निरसा सीएचसी में लाकर भर्ती कराया। जहां डॉक्टर रोहित गौतम की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
उसे सलाइन चढ़ाया जा रहा है। डॉ रोहित गौतम के अनुसार मंगली किस्कू की स्थिति फिलहाल ठीक-ठाक है। बीपी लो रहने व कमजोरी के कारण उसे चक्कर आ रहा है।

मृतक विजय किस्कू की पत्नी मंगली की तबीयत बिगड़ी
मालूम रहे कि एमपीएल के अधीनस्थ इंडवेल कंपनी में कार्यरत विजय किस्कू की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हो गई थी। मृतक के आश्रित को नियोजन व मुआवजे की मांग को लेकर स्वजन एवं ग्रामीण 30 अगस्त से शव को एमपीएल के मुख्य द्वार पर रखकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। चार दिनों से सही से खाना पीना नहीं खाने के कारण वह काफी कमजोर हो गई है।
शनिवार की रात आदिवासी कल्याण एवं परिवहन मंत्री चंपई सोरेन के जाने के कुछ देर बाद मंगली किस्कू को चक्कर आने लगा था। आनन फानन में उसे एमपीएल के एंबुलेंस से इलाज के लिए निरसा के निजी चिकित्सालय में भेजा गया था। इलाज के बाद मंगली किस्कू रात में ही पुनः धरना स्थल पर चली गई थी। रविवार की सुबह अचानक उसे पुनः चक्कर आने लगा तो उसे इलाज के लिए निरसा सीएचसी भर्ती कराया गया है।
निरसा सीएचसी से गायब थे चिकित्सक :
एमपीएल के विस्थापित कर्मी विजय किस्कू की मौत के बाद नियोजन के लिए चल रहा मामला काफी हाईटेक हो चुका है। शनिवार की रात मंत्री चंपई सोरेन भी मृतक की पत्नी एवं स्वजनों से मिलकर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उसके बाद से प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ एमपीएल प्रबंधन भी इस मामले में काफी ऐहतियात बरत रहा है।
रविवार की सुबह मृतक की पत्नी को इलाज के लिए निरसा सीएचसी भेजा गया तो अस्पताल में चिकित्सक नहीं थे। तत्काल सिविल सर्जन ने डीआरसीएचओ प्रभारी डॉ रोहित गौतम को निरसा सीएचसी जाकर महिला का इलाज करने का निर्देश दिया गया। उसके बाद डॉक्टर गौतम की निगरानी में मंगली किस्कू का इलाज चल रहा है।
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