हैदराबाद : तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में तीन बच्चों की संदिग्ध मौत का मामला प्रकाश में आया है। इसे मामले में पुलिस गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में यह सामने आया है कि बच्चों ने अपनी मौत से कुछ समय पहले दही खाया था। अब सवाल यह उठता है कि क्या दही में जानबूझ कर जहर मिलाया गया था।
दही में जहर मिलाए जाने की आशंका
मौत के बाद, जांचकर्ताओं ने यह आशंका जतायी है कि बच्चों को जानबूझ कर दही में जहर मिलाकर दिया गया होगा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अगर सच में दही में जहर मिलाया गया होता, तो इसे खाने वाले अन्य लोग भी प्रभावित होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस पर पुलिस का मानना है कि यह एक साजिश हो सकती है, जिसमें बच्चों को जानबूझ कर निशाना बनाया गया था।
माँ की हालत गंभीर, बयान का इंतजार
इस बीच, बच्चों की मां रजिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और पुलिस ने उसका बयान दर्ज करने के लिए इंतजार कर रही है। रजिता का बयान मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि वह इस घटना के दौरान जीवित हैं और घटना की कुछ जानकारी दे सकती हैं। पुलिस ने घरेलू विवाद के पहलू पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, रजिता और उसके पति चेन्नैय्या के बीच गुरुवार को झगड़ा हुआ था, जो इस मामले की जटिलता को बढ़ा सकता है।
घरेलू विवाद की संभावना पर जांच
मामले की जांच में पुलिस ने पारिवारिक विवाद को भी अहम पहलू के तौर पर शामिल किया है। पुलिस का कहना है कि वे घरेलू विवाद और किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच करेंगे। रंजिता और चेन्नैय्या के बीच झगड़े की जानकारी मिलने के बाद पुलिस इस मामले को लेकर सतर्क हो गई है।
पोस्टमार्टम और शवों की अंतिम प्रक्रिया
जांच अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम पाटनचेरु की सामान्य प्रक्रिया के बजाय गांधी अस्पताल में किया जाएगा, ताकि अधिक वैज्ञानिक तरीके से शवों का परीक्षण किया जा सके और मौत के सही कारण का पता लगाया जा सके। जांच में सीआई नरेश और तीन एसआई के नेतृत्व में एक विशेष टीम को लगाया गया है, जो इस मामले की हर पहलू से गहराई से जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद, बच्चों के शवों को उनके पिता चेन्नैय्या को सौंप दिया गया। इसके बाद, शवों को तेलंगाना के महबूबनगर जिले में स्थित उनके गृहनगर ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

