- – भारी बारिश के कारण निर्माणाधीन बेसमेंट की दीवार गिरी,
- -मलबे में और भी हो सकते हैं दबे
नई दिल्ली : सेंट्रल दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में आरा कांसा (अराकाशन) रोड पर कृष्णा होटल के पास शनिवार शाम करीब 6:20 बजे एक दुखद हादसा हुआ। एक निर्माणाधीन इमारत की बेसमेंट की दीवार भारी बारिश के कारण ढह गई, जिसके मलबे में दबकर तीन लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। अभी भी बचाव कार्य चल रहा है, संभवत: और भी लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।
डीसीपी एम. हर्षवर्धन ने बताया कि दिल्ली पुलिस को शाम 6:20 बजे एक पीसीआर कॉल के माध्यम से सूचना मिली कि अराकाशन रोड पर एक निर्माणाधीन इमारत की दीवार ढह गई है। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि इमारत के बेसमेंट का निर्माण कार्य चल रहा था, तभी भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण एक दीवार अचानक गिर गई।
यह हादसा उस समय हुआ जब दिल्ली-एनसीआर में शनिवार तड़के से भारी बारिश और तेज हवाएं दर्ज की जा रही थीं। दिल्ली फायर सर्विसेज (डीएफएस) के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने बताया कि यह घटना करीब 6.06 बजे की है। फायर कंट्रोल रूम को 6.35 में इस हादसे की सूचना मिली थी। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए चार फायर टेंडर मौके पर भेजे। जहां राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू किया गया।
इस दौरान बचाव कार्य में लगे कर्मियों को निर्माणाधीन इमारत की बेसमेंट के मलबे में चार लोग दबे हुए मिले, जिन्हें तत्काल कैट्स एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं चौथे का इलाज चल रहा है। मृतकों की पहचान इस निर्माण कार्य के ठेकेदार मुंगेर, बिहार निवासी प्रभु ( 65), मजदूर का काम कर रहे मुंगेर, बिहार निवासी निरंजन (40) और आजमगढ़, उत्तर प्रदेश निवासी रोशन (35) के रूप में हुई है। इसके अलावा मुंगेर, बिहार के ही निवासी छुट्टन (35) इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें मलबे से निकालकर तत्काल कैट्स एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
निर्माणाधीन संरचना कमजोर होने के कारण बेसमेंट की दीवार ढह गई
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भारी बारिश और तेज हवाओं ने पहले से ही कमजोर निर्माणाधीन संरचना को और कमजोर कर दिया, जिसके कारण बेसमेंट की दीवार ढह गई। डीसीपी हर्षवर्धन ने बताया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनधिकृत निर्माण और अपर्याप्त संरचनात्मक मजबूती इस हादसे के प्रमुख कारण हो सकते हैं, जैसा कि हाल ही में दिल्ली के मुस्तफाबाद में हुए एक अन्य हादसे में देखा गया था, जहां 11 लोगों की मौत हुई थी।
बचाव अभियान अभी भी जारी, टीम अब भी मलबे में कर रही लोगों की तलाश
बचाव अभियान अभी भी जारी है, और एनडीआरएफ, दमकल विभाग, और दिल्ली पुलिस की टीमें मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। संकरी गलियों और घनी आबादी के कारण बचाव कार्य में चुनौतियां आ रही हैं। तकनीकी उपकरणों और प्रशिक्षित कुत्तों की मदद से मलबे की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और व्यक्ति मलबे में फंसा न हो। डीसीपी हर्षवर्धन ने बताया कि बचाव दल पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं, और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

