
जमशेदपुर : TSDPL (टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट्स लिमिटेड) कंपनी में होने वाले आगामी ग्रेड रिवीजन में N-S ग्रेड (न्यू सीरीज) के कर्मचारियों को शामिल न किए जाने का मुद्दा अब पूरी तरह गरमा गया है। प्रबंधन और यूनियन के इस फैसले के खिलाफ कंपनी के तीनों प्लांट के N-S ग्रेड कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी विरोध के बीच शनिवार को डिमाग (Demag) प्लांट में उस वक्त स्थिति बेहद तनावपूर्ण और अनियंत्रित हो गई, जब यूनियन के पदाधिकारी पर कथित तौर पर नशे की हालत में प्लांट परिसर में आकर कर्मचारियों को धमकाने और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगा।
बारा प्लांट के बाद डिमाग प्लांट में भड़का आक्रोश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रेड रिवीजन से बाहर रखे जाने के विरोध में बीते बुधवार को बारा प्लांट के न्यू सीरीज कर्मचारियों ने महामंत्री और ग्रेड कमेटी के समक्ष अपनी कड़ी आपत्ति और बातें रखी थीं। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को डिमाग प्लांट के N-S ग्रेड के कर्मचारियों के विशेष अनुरोध पर ग्रेड कमेटी के चारों वरिष्ठ सदस्यों को प्लांट परिसर में बुलाया गया था। बैठक में हिस्सा लेने के लिए यूनियन के महामंत्री त्रिदेव सिंह, अमन सिंह, उपेंद्र राय और डिप्टी प्रेसिडेंट सच्चिदानंद पहुंचे थे।
शालीनता से शुरू हुई बातचीत, फिर आधे घंटे बाद हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
बैठक की शुरुआत में माहौल बेहद शांतिपूर्ण था। डिमाग प्लांट के कमेटी मेंबर राजेश और ग्रेड कमेटी के तीन सदस्यों (त्रिदेव सिंह, अमन सिंह और उपेंद्र राय) के सामने कर्मचारी पूरी शालीनता के साथ अपनी चिंताओं और मांगों को रख रहे थे। लेकिन बैठक शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद वहां एक अप्रत्याशित और शर्मनाक मोड़ आया।
आरोप है कि ग्रेड कमेटी के चौथे सदस्य नशे की हालत में प्लांट परिसर में दाखिल हुए। वहां आते ही उन्होंने N-S ग्रेड के कर्मचारियों के साथ उग्र व्यवहार शुरू कर दिया और खुलेआम धमकी देने लगे।
कर्मचारियों के अनुसार पदाधिकारी ने कहा- ‘तुम लोग प्लांट के बाहर मिलो, देख लेंगे। तुम लोग कोई ग्रेड में शामिल नहीं हो और यूनियन अध्यक्ष ने तुम लोगों को ग्रेड में शामिल नहीं किया है’।
‘जो करना है कर लो, कोर्ट में केस कर लो’ – इस खुली चुनौती पर वहां मौजूद जागरूक N-S सीरीज के कर्मियों ने इस तानाशाही वाले व्यवहार और बयान पर अपनी तीखी आपत्ति जताई, तो मामला और ज्यादा बिगड़ गया।
वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किया बीच-बचाव
इस अभद्र टिप्पणी और धमकी के बाद कॉन्फ्रेंस रूम के बाहर माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया और हंगामा बढ़ गया। स्थिति को हाथ से निकलता देख मौके पर मुस्तैद महामंत्री त्रिदेव सिंह, अमन सिंह और उपेंद्र राय ने तुरंत बीच-बचाव किया। उन्होंने आक्रोशित कर्मचारियों को शांत कराया और डिप्टी प्रेसिडेंट सच्चिदानंद को वहां से खींचकर बाहर निकाला और सुरक्षित कॉन्फ्रेंस रूम के अंदर ले गए।
यूनियन और प्रबंधन के खिलाफ गहराता असंतोष
इस घटना के बाद से ही तीनों प्लांट के N-S ग्रेड कर्मचारियों में प्रबंधन के साथ-साथ यूनियन के कुछ पदाधिकारियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर भारी उबाल है। कर्मचारियों का कहना है कि एक तरफ उनके हक और ग्रेड रिवीजन को छीना जा रहा है और दूसरी तरफ हक मांगने पर यूनियन के ही शीर्ष पदाधिकारी नशे में धुत्त होकर धमकियां दे रहे हैं।
अब सभी की निगाहें यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय पर टिकी हैं। कर्मचारी अब इस पूरे मामले पर अध्यक्ष से सीधे स्पष्टीकरण और आरोपी पदाधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, इसके साथ ही ग्रेड रिवीजन में उन्हें ससम्मान शामिल करने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

