Jamshedpur (Jharkhand) : लौहनगरी जमशेदपुर के बेटे उमेश विक्रम कुमार ने पैरा बैडमिंटन के पुरुष एकल वर्ग में इतिहास रच दिया है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने उन्हें विश्व का नंबर वन शटलर घोषित किया है। उमेश की इस उपलब्धि से न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश का नाम रोशन हुआ है।
बचपन से थी बैडमिंटन में रुचि
उमेश विक्रम कुमार ने बताया कि बचपन से ही उन्हें बैडमिंटन का शौक था, लेकिन गांव में खेलने की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। उनकी किस्मत तब बदली जब उनका दाखिला बीआईटी मेसरा, रांची में हुआ। यहां उन्हें कैंपस में अच्छा बैडमिंटन कोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर मिला। यहीं से उन्होंने खेल को गंभीरता से अपनाया और नियमित अभ्यास शुरू किया
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता
उमेश को पहली बार 2011 में राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला। यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा और आगे के लिए आत्मविश्वास भी बढ़ा। 2013 में उन्होंने जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। यहां उन्हें कई शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से मिलने और उनके खेल को नजदीक से देखने का अवसर मिला।
इसके बाद उमेश ने अपने खेल को नए स्तर पर ले जाने और बड़े टूर्नामेंटों में पदक जीतने का लक्ष्य तय किया। 2014 में उन्होंने इंग्लैंड में आयोजित प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी सफलता की नींव रखी। वहीं 2020 तक वे विश्व रैंकिंग में छठे स्थान तक पहुंच गए।
झारखंड से निकले विश्व विजेता
उमेश ने बताया कि वर्ष 2015 तक उन्होंने रांची खेलगांव से बैडमिंटन की ट्रेनिंग ली। इसके बाद वे एक बेहतर स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म की तलाश में जुट गए और लगातार मेहनत के बल पर आज विश्व रैंकिंग के शीर्ष पर पहुंच गए हैं।

