चाईबासा : सशक्त संयुक्त मोर्चा की ओर से रविवार की देर शाम गुवा रामनगर स्थित भारतीय मजदूर संघ कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी मुकेश लाल ने की। बैठक में गुवा सेल प्रबंधन को पत्र लिखकर बहाली प्रक्रिया में हो रही कथित अनियमितताओं के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। मोर्चा के सदस्यों ने आरोप लगाया कि गुवा सेल में कार्यरत ठेकेदार द्वारा स्थानीय कुशल बेरोजगार युवाओं की नियुक्ति में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। चयन प्रक्रिया में अनुचित तरीकों के इस्तेमाल और भारी धनराशि के लेन-देन की भी बात सामने आई है। साथ ही, गुवा अयस्क खदान से जुड़ी कुछ यूनियनों की संलिप्तता की आशंका भी जताई गई है।
ज्ञात हो कि सशक्त संयुक्त मोर्चा (सीटू, क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ, झारखंड मजदूर यूनियन, भारतीय मजदूर संघ एवं सारंडा युवा बेरोजगार संघ) के प्रतिनिधियों और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में पूर्व में यह सहमति बनी थी कि गुवा और आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय योग्य बेरोजगार युवाओं को बहाली में प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही सभी सक्रिय यूनियनों के सुझावों को भी महत्व देने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद वर्तमान बहाली प्रक्रिया में इन सहमतियों की अनदेखी किए जाने पर मोर्चा ने गहरा असंतोष व्यक्त किया है।
नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की मांग
मोर्चा ने प्रबंधन से मांग की है कि नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को उनका हक मिल सके। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही, निविदा को रद्द कर पुनः निष्पक्ष तरीके से प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई जाएगी। अंत में मोर्चा ने प्रबंधन से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित हो सके।

