
पलामू : जिले में 11 सड़कों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया अब गति पकड़ने जा रही है। भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण पिछले एक दशक से रुकी हुई इन सड़कों की जांच एसीबी (ACB) द्वारा पूरी कर ली गई है और अब इनकी मरम्मत और नव निर्माण का कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। एसीबी के पुलिस उप महानिरीक्षक ने 26 दिसंबर को एक पत्र जारी कर मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के उपसचिव शंकर एक्का को सूचित किया कि इन सड़कों पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है और अब इनका निर्माण कार्य किया जा सकता है।
10 साल बाद मिली मंजूरी
राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शुक्रवार को मेदिनीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि छतरपुर-पाटन विधानसभा क्षेत्र की पांच सड़कों सहित कुल 11 सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया को एसीबी द्वारा जांच करके मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही अब इन सड़कों के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी। इस सफलता का श्रेय पलामू के सांसद वीडी राम को जाता है, जिन्होंने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि यह मामला वर्ष 2014 से लंबित था, जब इन सड़कों के निर्माण में अनियमितता का पता चला और इसके बाद निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी। एक दशक तक निर्माण कार्य रुका रहने के कारण इन सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी थी।
स्थानीय लोगों को मिलेगा फायदा
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को खासा फायदा होगा। खासकर बरसात के मौसम में, जब सड़कों की स्थिति और भी खराब हो जाती थी, अब उनका आवागमन आसान हो जाएगा।
सड़क निर्माण में गड़बड़ी का मामला 2013-14 में सामने आया था, जब पीएमजीएसवाई (PMGSY) के तहत इन सड़कों के निर्माण कार्य में अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। इसके बाद, ग्रामीण विकास विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई थी, और एसीबी से इसकी जांच करवाई थी। अब एसीबी द्वारा जांच पूरी कर ली गई है, और निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई है।
इन सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
गोदरमा से नवगढ़, ब्रहमोरिया से नवडीहा भुड़वा, पीडब्ल्यूडी पथ से पाटन-पड़वा सड़क, कांकेकला से सूठा, बरांव से ओडनार, रामगढ़ से दीनाबार भाया काचन, मायापुर से नावाड़ीह, बिरजा से जमडीहा भाया जोगा, सरइडीह से डगरा, मुख्य पथ से गम्हरियाडीह, और मुख्य पथ से कउवल सहित कुल 11 सड़कों पर अब निर्माण कार्य शुरू होगा।

