
रांची: राजधानी रांची में छात्रों ने मंगलवार को अपनी मांगें पूरी कराने लेकर तथा लाठीचार्ज के विरोध में मौन जुलूस निकाला। जुलूस में में शामिल कई छात्रों ने अपने मुंह पर टेप लगा रखा था। वहीं कुछ छात्रों को पुलिसकर्मियों को गुलाब देते देखा गया। हालांकि मुख्यमंत्री ने कई मांगें मान लेने की घोषणा की है। जिला प्रशासन भी दूसरे जिले से आए छात्रों से वापस लौट जाने की अपील कर रहा है। लेकिन आंदोलन अभी जारी है। छात्र अपनी मांगें पूरी कराने पर अडिग हैं।
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में धांधली के विरोध में तथा परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी क्रम में मंगलवार शाम कचहरी रोड में छात्रों ने मौन जुलूस निकाला। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुलूस में शामिल हुए और हाथों में अपनी मांगों से संबंधी तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
बताना चाहते हैं, मौन लाठी- गोली से अधिक ताकतवर
छात्रों ने कोई नारेबाजी नहीं की। मौन रहकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि लाठी चार्ज का जवाब वे उग्रता से नहीं, बल्कि मौन प्रदर्शन कर देना चाहते हैं। वे बताना चाहते हैं मौन में लाठी- गोली से अधिक ताकत है। क्योंकि इस तरह का प्रदर्शन आम लोगों के सेंटिमेंट से सीधा जुड़ता है। सरकार पर दबाव बनाने की यह बड़ी ताकत साबित हो सकती है।
आंदोलनकारी छात्रों के अनुसार हमारे मुंह पर टेप है, लेकिन हमारी मांगें साफ हैं। लाठी और पानी की बौछारें से हमारी आवाज दबाई नहीं जा सकती। मौन में भी इतनी ताकत है कि वह समाज और सरकार दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है। छात्रों ने साफ संकेत दिया कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के बजाय अब अलग-अलग लोकतांत्रिक तरीकों से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे।
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