
राजेश्वर पांडेय, चाईबासा : पुलिस केंद्र में मंगलवार को नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के 4 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। इसी के साथ जिला पुलिस ने सारंडा, कोल्हान और पोड़ाहाट को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया है। सिंहभूम कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, डीआईजी सीआरपीएफ, पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू, सरायकेला खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी, सीआरपीएफ 60 बटालियन के कमांडेंट, 174 बटालियन के कमांडेंट मनोज डंग, 197 बटालियन के कमांडेंट, चक्रधरपुर एसडीपीओ सैय्यद मुस्तफा हाशमी और चाईबासा एसडीपीओ बहामन टुटी की मौजूदगी में 10 लाख के इनामी नक्सली सहित 4 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। सभी के मुख्य धारा में लौटने पर स्वागत किया गया। सरेंडर करने वालों में सोनुवा थाना के कुदाबुरु गांव का 10 लाख के इनामी सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर, टोंटो थाना के रेंगड़ाहातु गांव की 1 लाख की इनामी कोदोमुनी कोड़ा, मुफ्फसिल थाना के अंजेदबेड़ा गांव की अनीता तामसोय और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के ईचागोड़ा गांव की पिंकी शामिल है। आपको बता दें कि सितंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच कुल 52 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। 18 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए हैं। 29 नक्सली गिरफ्तार किए गए। जबकि 49 हथियार, 9214 कारतूस और 15 आईईडी विस्फोट बरामद किया गया है।
‘ऑपरेशन नवजीवन’ की सफलता और आंकड़े
चाईबासा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों और पुनर्वास नीति के तहत अब तक की प्रमुख उपलब्धियां :
ऑपरेशन नवजीवन-I (21 मई 2026) :- कुल 27 में से 25 नक्सल कमांडर एवं दस्ता सदस्यों (SZCM-06, ACM-06, दस्ता सदस्य-13) ने 16 हथियारों और 3082 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया।
ऑपरेशन नवजीवन-II (28 जुलाई 2026) :- कुल 14 नक्सल कमांडर एवं दस्ता सदस्यों (RCM-01, ZCM-03, SZCM-01, ACM-06, दस्ता सदस्य-03) ने 10 हथियारों और 1412 गोलियों के साथ समर्पण किया।
ऑपरेशन नवजीवन-III (11 अगस्त 2026) :- 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर सालुका कायम समेत 04 सक्रिय नक्सलियों का समर्पण।
वर्ष 2025 से जुलाई 2026 तक की कुल कार्रवाई :
आत्मसमर्पण : कुल 49 नक्सली।
मुठभेड़ में ढेर : 22 नक्सली।
गिरफ्तारी : 60 नक्सली (न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए)। भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और IED बरामद किए गए।
आत्मसमर्पण का मुख्य कारण
सुरक्षा बलों और आसूचना एजेंसियों के संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान और घेराबंदी से नक्सली पस्त थे। संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर और एसडीपीओ चक्रधरपुर डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी द्वारा चलाए गए सामुदायिक पुलिसिंग व स्वास्थ्य शिविरों से प्रभावित होकर इन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार माओवादी संगठन में बढ़ रहे आंतरिक शोषण, भय और पुलिस कैंपों की स्थापना के कारण नक्सली लगातार मुख्यधारा में लौट रहे हैं। शासन द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जा रहा है।
सारंडा और पोराहाट क्षेत्र से भागे नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के क्रम में सरायकेला पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व और सुरक्षा बलों के सहयोग से अनिता तामसोय ने भी आत्मसमर्पण किया।
नक्सलवाद अब समाप्ति की कगार पर – पुलिस प्रशासन
पुलिस प्रशासन के अनुसार, दशकों से नक्सलवाद का दंश झेल रहा पश्चिमी सिंहभूम अब नक्सल समाप्ति की कगार पर है। राज्य सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति” से प्रभावित होकर कई भटके हुए लोग अब समाज में सम्मानजनक जीवन की शुरुआत कर रहे हैं।
सारंडा, कोल्हान व पोड़ाहाट हुआ नक्सल मुक्त : डीआईजी
डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने बताया कि सारंडा, कोल्हान और पोड़ाहाट को नक्सल मुक्त कर दिया गया है। कभी सारंडा के जंगलों में रहने वाला एक करोड़ का इनामी असीम मंडल के फिलहाल सरायकेला और पूर्वी सिंहभूम के इलाकों में सक्रिय रहने की जानकारी मिली है। जिसके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। डीआईजी ने मीडिया के माध्यम से अपील करते हुए कहा कि असीम मंडल भी जल्द सरेंडर करे, वरना पुलिस गिरफ्तार करेगी या ऑपरेशन में वह मारा जाएगा। डीआईजी ने कहा है कोल्हान में बेहतर पुलिसिंग के लिए काम किया जा रहा है। पुलिस के परफॉर्मेंस से जनता का विश्वास कायम रखना है।

