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आज होगा लोकसभा स्पीकर के लिए चुनाव, जानिए किनके बीच होना है मुकाबला

by Rakesh Pandey
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सेंट्रल डेस्क। Lok Sabha Speaker Election: भाजपा की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के बीच आम सहमति नहीं होने के चलते आज लोकसभा में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। वहीं परंपरागत रूप से लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आम सहमति से किया जाता है।

इस चुनाव में राजस्थान के कोटा से तीन बार सांसद रह चुके भाजपा के ओम बिरला का मुकाबला केरल के मावेलीकारा से आठ बार सांसद रह चुके कांग्रेस के कोडिकुन्निल सुरेश से होगा। सुरेश 18वीं लोकसभा में सबसे लंबे समय तक सांसद रहने वाले सांसद हैं। वहीं सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने सदस्यों को तीन-लाइन व्हिप जारी कर बुधवार को सुबह 11 बजे से कार्यवाही समाप्त होने तक लोकसभा में उपस्थित रहने को कहा है।

Lok Sabha Speaker Election- सांसदों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देंगी पार्टियां

इस बीच कांग्रेस और बीजेपी ने अपने-अपने सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। हालांकि मतदान गुप्त तरीके से होगा और इसमें व्हिप लागू नहीं होगा। वहीं आज एनडीए और इंडिया गठबंधन के नेता अपने सांसदों को मतदान प्रक्रिया के बारे में जानकारी देंगे।

Lok Sabha Speaker Election- राजीव प्रताप रूडी ने दिया गया संकेत

इस बीच बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि स्पीकर का पद संवैधानिक पद है और हम सब इस बात को मानते हैं कि स्पीकर सबके होते हैं। वहीं आज एनडीए के पास बहुमत है और सबकी इच्छा है कि सहमति के साथ लोकसभा अध्यक्ष बने। हमारा मानना है कि हम एक बड़ी सहमति की ओर बढ़ रहे हैं और विपक्ष भी इस दिशा में विचार कर रहा है।

Lok Sabha Speaker Election- के. सुरेश ने लगाया ये आरोप

इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के. सुरेश ने कहा कि हम हारें या जीतें पता नहीं है लेकिन हम लड़ेंगे। डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष का अधिकार है। हमें सरकार डिप्टी स्पीकर का पद नहीं दे रही है। इसलिए हम चुनाव लड़ रहे हैं।

वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि स्पीकर किसी पार्टी का पद नहीं है, स्पीकर पूरे संसद का प्रतिनिधित्व करते हैं। यहां बहुमत को मानना चाहिए। साथ ही बहुत से राज्यों में जिसकी सरकार होती है उसके स्पीकर व डिप्टी स्पीकर होते हैं लेकिन विपक्ष चाहते हैं कि डिप्टी स्पीकर पर पहले ही फैसला हो जाए। हमारा कहना है कि पहले स्पीकर पर फैसला हो जाए जब डिप्टी स्पीकर की बात होगी तो बैठकर तय कर लिया जाएगा इसी पर सहमति नहीं बनी है।

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