Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक ने मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त को पत्र लिखकर मानगो पेयजल परियोजना की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने मांग की है कि निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति और मानगो पेयजल परियोजना की अद्यतन स्थिति सार्वजनिक की जाए, ताकि परियोजना संचालन में मौजूद त्रुटियों को दूर कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने अपने पत्र में कहा कि नवंबर 2024 में जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से दोबारा विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्होंने मानगो नगर निगम, तत्कालीन उपायुक्त, नगर विकास विभाग तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ कई बैठकें की थीं। इसके साथ ही परियोजना क्षेत्र का दौरा कर जमीनी हकीकत का भी जायजा लिया गया था।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच से छह वर्षों में परियोजना के लगभग सभी हिस्सों की स्थिति खराब हुई है। इंटेकवेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पानी टंकियों के संचालन और उपभोक्ताओं के घरों तक पेयजल आपूर्ति की स्थिति बेहद असंतोषजनक बनी हुई है। इसे सुधारने के लिए सचिवालय स्तर से लेकर नगर निगम तक लगातार प्रयास किए गए। इसके परिणामस्वरूप इंटेकवेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और जलमीनारों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न क्षमता के मोटर पंप भी खरीदे गए।पत्र में विधायक ने लिखा है कि कि इंटेकवेल में छह से आठ फीट तक बालू जमा हो चुका है, जिससे मशीनों के संचालन पर भी असर पड़ रहा है। बालू हटाने के लिए विधायक निधि से राशि आवंटित की गई। इसके अलावा नदी के पानी में गंदगी प्रवेश न करे, इसके लिए इंटेकवेल के दोनों ओर दीवार निर्माण हेतु भी विधायक निधि से धन उपलब्ध कराया गया।उन्होंने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सभी इलाकों में समानुपातिक जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर सहमति बनी थी, लेकिन इसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया।
यही कारण है कि मानगो के कई इलाकों में जलापूर्ति अनियमित बनी हुई है। कई बड़े क्षेत्रों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा, जबकि अधिकांश जगहों पर मात्र पांच से दस मिनट तक ही पानी मिल रहा है। कई मोहल्लों में देर रात 12 बजे से 2 बजे के बीच जलापूर्ति हो रही है, जिसे उन्होंने चिंताजनक और हास्यास्पद स्थिति बताया।
विधायक ने कहा कि मानगो नगर निगम चुनाव के बाद चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा पेयजल संकट को लेकर लगातार अलग-अलग बयान दिए जा रहे हैं। ऐसे में निगम प्रशासन को पूरी स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि लोगों को वास्तविक जानकारी मिल सके और जलापूर्ति व्यवस्था को सुधारने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई हो सके।

