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Chaibasa Arjun Munda Dispute : चाईबासा सर्किट हाउस में प्रशासन से क्यों रूठ गए अर्जुन मुंडा, जानें अंदर की बात

रात साढ़े 12 बजे परिसदन पहुंचे थे पूर्व सीएम, उनके साथ आए लोगों ने खाना खाया, सुबह सभी चले गए

by Mujtaba Haider Rizvi
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Jamshedpur : पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा चाईबासा सर्किट हाउस में जिला प्रशासन से क्यों रूठ गए यह सवाल झारखंड की जनता के जेहन में अब भी कौंध रहा है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर वह कौन सी बात थी जो झारखंड के पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने अपने दिल पर ले ली और सोशल मीडिया पर लंबी-चौड़ी पोस्ट लिख डाली। अर्जुन मुंडा ने अपने इस लेख में पश्चिमी सिंहभूम के जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए लिखा है कि उसने सामान्य शिष्टाचार और आवश्यक औपचारिकताओं का पालन नहीं किया। आइए अब जानते हैं कि उस रात सर्किट हाउस में क्या हुआ था, जिससे पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा को आहत कर दिया।

बात 14 मई की रात की है। उस दिन चाईबासा में दिशा की मैराथन मीटिंग हुई थी। यह बड़ी मीटिंग होती है और इसमें प्रभारी मंत्री के साथ ही सांसद व विधायक शामिल हो कर जिले की एक-एक समस्या पर मंथन करते हैं। इसी दिन पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा पश्चिमी सिंहभूम जिले में थे। चाईबासा सर्किट हाउस में उनका रात्रि विश्राम का कार्यक्रम था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रात साढ़े 12 बजे अर्जुन मुंडा सर्किट हाउस पहुंचे थे। रात में सर्किट हाउस में उनके और उनके गार्ड्स के लिए खाने का इंतजाम किया गया था। दोनों प्रकार के खाने का प्रबंध था। अर्जुन मुंडा ने कहा कि वह खाना नहीं खाएंगे। बस एक गिलास दूध चाहिए। सर्किट हाउस का प्रबंधन करने वालों के अनुसार अर्जुन मुंडा को दूध दिया गया। एक प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार अर्जुन मुंडा के साथ आए सभी ने खाना खाया। सुबह नाश्ता का भी इंतजाम था। अर्जुन मुंडा सुबह 8 बजे सर्किट हाउस से निकल गए थे। इस बीच ऐसी कोई बात नहीं हुई जिससे लगे कि पूर्व केंद्रीय मंत्री नाराज हैं।

नहीं आया उनके पीए का फोन

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अगर पूर्व केंद्रीय मंत्री किसी अधिकारी से मिलना चाहते थे, या फिर खातिरदारी में कोई कमी रह जाती तो उनके पीए फोन करते। लेकिन, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। अगर पूर्व केंद्रीय मंत्री के पीए किसी विषय को लेकर फोन करते तो उस विषय को देखा जाता। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के आवभगत में कोई कमी नहीं रह गई थी।

जो लिख दिया उसके अलावा कुछ नहीं बोलूंगा

पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से जब पूछा गया कि आखिर चाईबासा परिसदन में उनके साथ क्या हुआ। क्या प्रशासनिक चूक हुई। प्रशासन कहां सामान्य शिष्टाचार से चूक गया। क्या आवश्यक औपचारिकताएं नहीं पूरी हो पाईं। इस पर अर्जुन मुंडा का जवाब था जितना सोशल मीडिया पर लिख दिया वही बहुत है। इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं बोलेंगे। जिसके लिए लिखना था लिख दिया। वह समझ गए होंगे। गौरतलब है कि अर्जुन मुंडा ने भी इस बात पर अपना मुंह नहीं खोला कि आखिर उन्हें सर्किट हाउस में क्या बात नागवार गुजर गई। इसे लेकर चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। लोग कयास लगा रहे हैं कि आखिर पूर्व केंद्रीय मंत्री किस वजह से नाराज हो गए होंगे। आशंका जताई जा रही है कि सर्किट हाउस का प्रबंध देखने वाले प्रशासनिक अधिकारी एनडीसी वहां रात में नहीं पहुंचे होंगे। हो सकता है इस वजह से पूर्व सीएम नाराज हुए हों।

वर्जन

पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा 14 मई की देर रात सर्किट हाउस आए थे। उनके लिए सभी जरूरी प्रबंध किए गए थे। सर्किट हाउस में प्रबंध करने वालों को निर्देश दिए गए थे कि पूर्व केंद्रीय मंत्री की आवभगत में कोई कोताही नहीं हो।
देवेंद्र, एनडीसी चाईबासा

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