
Jamshedpur : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको में हुए ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह से पुलिस अब तक सच नहीं उगलवा पाई है। पुलिस का कहना है कि रवींद्र प्रसाद सिंह बार-बार बयान बदल रहा है। कभी कुछ कहता है तो कभी कुछ कहता है। उसके विरोधाभासी बयान सुनकर इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर तंग आ चुके हैं। इसलिए अब आरोपी का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी चल रही है।
इसके लिए पुलिस ने अदालत से अनुमति ले ली है। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस ने रांची स्थित फोरेंसिक साइंस लैब से संपर्क किया है। वहां से तारीख मिलने के बाद पुलिस अदालत में अर्जी देकर आरोपी को रांची ले जाने की अनुमति मांगेगा। इसके बाद रवींद्र प्रसाद सिंह का लाई डिटेक्टर टेस्ट होगा।
क्या रकम के बंटवारे को लेकर हुई हत्या
पुलिस को पता चला है कि रवींद्र प्रसाद सिंह जब तकरीबन 6 महीने पहले टाटा स्टील से रिटायर हुए थे तो उन्हें फाइनल सेटलमेंट के तौर पर कुल 1.49 करोड़ रुपए मिले थे। आशंका जताई जा रही है कि इस रकम को लेकर ही पारिवारिक विवाद खड़ा हुआ और इसी के चलते रविंद्र प्रसाद सिंह ने अपनी पत्नी सरिता सिंह, बेटी सुप्रिया सिंह और बेटे रवि की हत्या कर दी थी। पुलिस मोबाइल से निकले तकनीकी सबूत के आधार पर भी घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

