रांची : झारखंड के दो बड़े और प्रदूषण प्रभावित शहर रांची और धनबाद में अब वायु प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़े स्तर पर काम शुरू होगा। केंद्र सरकार के 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य को परिवेशीय वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 215 करोड़ 68 लाख रुपये की अनुदान राशि मिली है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस राशि का आवंटन भी कर दिया है।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, धनबाद नगर निगम को 147 करोड़ 6 लाख रुपये और रांची नगर निगम को 68 करोड़ 62 लाख रुपये दिए गए हैं। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 में खर्च की जाएगी। सरकार का कहना है कि शहरों में बढ़ते धूलकण, वाहनों के धुएं और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस फंड से कई योजनाएं लागू होंगी।
इन कार्यों पर खर्च होगी राशि
सरकार के निर्देश के अनुसार इस राशि से शहरों में सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने, धूल नियंत्रण प्रणाली विकसित करने, वायु गुणवत्ता मापने वाले उपकरण लगाने, कचरा प्रबंधन को मजबूत करने, प्रदूषण प्रभावित इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाने, स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य कार्य किए जाएंगे। राशि का उपयोग केवल परिवेशीय वायु गुणवत्ता से संबंधित स्वीकृत योजनाओं पर ही किया जा सकेगा। वेतन या कार्यालय खर्च में इसका उपयोग नहीं होगा।
सीधे नगर निगमों के खातों में जाएगी राशि
नगर विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुदान राशि संबंधित नगर निगमों के 15वें वित्त आयोग के लिए खोले गए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली से जुड़े बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी। राशि की निकासी और खर्च झारखंड कोषागार संहिता-2016 और वित्तीय नियमों के तहत होगा।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा जोर
सरकार ने नगर आयुक्तों और तकनीकी अधिकारियों को योजनाओं की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि योजनाओं में किसी प्रकार की दोहरी फंडिंग या राशि का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। यदि किसी योजना में अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
ऑडिट और उपयोगिता प्रमाणपत्र देना होगा
खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र महालेखाकार, झारखंड को भेजना अनिवार्य होगा। भारतीय अंकेक्षण एवं लेखा विभाग तथा राज्य वित्त अंकेक्षण विभाग को योजनाओं की जांच और लेखा परीक्षण का पूरा अधिकार दिया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार द्वारा जारी इस आदेश को विभागीय मंत्री और आंतरिक वित्तीय सलाहकार की मंजूरी प्राप्त है। माना जा रहा है कि इस फंड से रांची और धनबाद में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़े स्तर पर काम तेज होगा और लोगों को बेहतर व स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।

