रांची : झारखंड प्रदेश राजद के महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “एक देश, एक चुनाव” प्रस्ताव संघीय ढांचे के लिए घातक कदम है। यह संविधान पर सीधा हमला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस कदम से देश की स्वायत्तता, स्वतंत्रता, भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीयता को नुकसान पहुंचेगा। इसके परिणाम स्वरूप लोकतंत्र का बुनियादी ढांचा कमजोर हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश आजादी का अमृत महोत्सव (75वां वर्ष) मना रहा है और संसद में संविधान पर चर्चा हो रही है। वहीं भाजपा (BJP) के नेतृत्व में इस बिल के जरिए संविधान को बदलने की कोशिश की जा रही है। एक देश, एक चुनाव का प्रस्ताव न केवल संविधान को कमजोर करेगा, बल्कि यह क्षेत्रीयता और स्थानीय मुद्दों को भी दबा देगा। यह भारतीय लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक कदम साबित होगा।
संविधान के तहत हमें मिला है लोकतांत्रिक अधिकार
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने पहले ही लोकसभा चुनावों में दो तिहाई बहुमत की संभावना जताई थी और संविधान को बदलने की बात की थी। उनका कहना था कि मोदी सरकार द्वारा पेश किया गया यह प्रस्ताव देश के संवैधानिक ढांचे को नष्ट करने का एक प्रयास प्रतीत होता है। कैलाश यादव ने कहा कि संविधान के तहत हमें लोकतांत्रिक अधिकार प्राप्त हैं। यह अधिकार हमें किसी भी सरकार से नहीं छीनने देना चाहिए। राजद महासचिव ने इस बिल के खिलाफ विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों से एकजुट होकर विरोध करने की अपील की। साथ ही कहा कि इस प्रस्ताव का विरोध संविधान के रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

