नई दिल्ली : देश की सीमा सुरक्षा को समुद्र तल में भी मजबूती प्रदान करने के लिए नौसेना को ‘वाग्शीर’ का तोहफा मिला है। वाग्शीर नामक इस सामुद्रिक युद्धपोत को गुरुवार को सेना को सौंप दिया गया। कुछ परीक्षणों के बाद यह अपने मिशन पर जाने के लिए पूरी तरह से तैयार होगी। इसे भारतीय नौसेना द्वारा अपने सामुद्रिक बेड़े में ‘आईएनएस वागशीर’ के नाम से शामिल किया जाएगा।
बहादुरी के लिए जानी जाती ‘वाग्शीर’
देश की सामुद्रिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए पनडुब्बी वाग्शीर को गुरुवार को नौसेना को सौंपा गया। अत्याधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस यह पनडुब्बी दुश्मन पर वार करने के अलावा अपना बचाव करने में भी में भी पूरी तरह से सक्षम है। यह स्कार्पीन श्रेणी की छठी पनडुब्बी है। इस पनडुब्बी का नाम हिंद महासागर में पाए जाने वाली एक बहादुर मछली वाग्शीर के नाम पर रखा गया है, जो पूरी बहादुर के साथ अपने दुश्मन पर हमला करती है।
2022 में हुआ था लॉन्च
मझगांव डाक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर इस पनडुब्बी को नौसेना को सौंप दिया। वाग्शीर को वर्ष 2022 में लॉन्च किया गया था। जिसके बाद यह एक वर्षों तक कई कड़े परीक्षणों से होकर गुजरी। इसे सभी पैमानों पर जांचा- परखा गया कि यह दुश्मन पर वार करने के साथ ही साथ अपना बचाव कर पाने में भी सक्षम है अथवा नहीं। सभी पैमानों पर खरे उतरने के बाद ही इसे नौसेना को सौंपा गया।
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