RANCHI: 40वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत सदर अस्पताल रांची से शनिवार को जागरूकता रैली निकाली गई। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि आंखें हमारे जीवन का अनमोल अंग हैं। जो लोग अपनी दृष्टि खो देते हैं, उनके लिए नेत्रदान किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि मृत्यु के छह घंटे के भीतर कोई भी व्यक्ति अपनी आंखें दान कर सकता है, उम्र और लिंग की कोई बाध्यता नहीं है। समाज के हर वर्ग को इस पुण्य कार्य के लिए आगे आना चाहिए ताकि अंधेपन से पीड़ित लोगों को रोशनी मिल सके।
कार्यशाला में दी गई जानकारी
पखवाड़ा के अंतर्गत सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इसमें नेत्र चिकित्सक, नेत्र सहायक, एएनएम स्कूल की छात्राएं और अंधापन नियंत्रण समिति के सदस्य मौजूद रहे। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि नेत्रदान न सिर्फ अंधेपन से जूझ रहे लोगों को दृष्टि देता है बल्कि उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाता है।
इनकी रही मौजूदगी
इस रैली में सिविल सर्जन रांची डॉ. प्रभात कुमार, डीपीएम प्रवीण सिंह, चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधक, अंधापन समिति के सदस्य, एएनएम स्कूल की छात्राएं सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को नेत्रदान हेतु प्रेरित करना और अधिक से अधिक लोगों तक इसका महत्व पहुंचाना रहा।

