RANCHI: राजधानी रांची भक्ति के रंग में रंग गई। बुधवार को विश्वप्रसिद्ध कथावाचक पूज्य श्री राजन जी महाराज की त्रिदिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ मैथन पैलेस में हुआ। कथा के पहले ही दिन हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा की शुरुआत में महाराज ने रांचीवासियों का प्रेमपूर्वक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यहां बार-बार आना श्रद्धालुओं के प्रेम और आस्था का परिणाम है। उन्होंने कथा की शुरुआत शिव-पार्वती विवाह प्रसंग से की और बताया कि रामकथा का आरंभ शिव वंदना से होता है, क्योंकि तुलसीदासजी ने यह कथा भोलेनाथ के श्रीमुख से कहलवाई थी।

कथा का प्रवाह आगे बढ़ाते हुए उन्होंने ऋषि भारद्वाज और याज्ञवल्क्य संवाद के माध्यम से रामत्व की व्याख्या की। उन्होंने कहा, राम भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के हर कार्य में ईश्वर को केंद्र में रखना ही सच्चा साधन है। कथा के दौरान भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान श्रद्धालु झूम उठे। कथा सुनने के लिए सभी आयु वर्ग के भक्तजन, विशेषकर युवा, बड़ी संख्या में पहुंचे। आयोजन के प्रमुख संयोजकों में राजेश गुप्ता, चंदन कुमार, शिव अग्रवाल समेत कई लोग उपस्थित थे।

