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झारखंड के मुख्यमंत्री को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, ED समन अवहेलना मामले में निजी पेशी से छुटकारा

Ranchi News: ईडी ने उन्हें कथित जमीन घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में पूछताछ के लिए कई बार बुलाया था।

by Reeta Rai Sagar
Jharkhand CM Hemant Soren.
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Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बुधवार को हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली। ईडी के समन की अवहेलना से जुड़े मामले में अदालत ने ट्रायल कोर्ट में उनकी अनिवार्य व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी है। जस्टिस अनिल चौधरी की पीठ ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद याचिका को मेरिट के आधार पर निपटा दिया। इसके बाद अब ट्रायल की अगली तारीखों पर सीएम सोरेन को कोर्ट में खुद मौजूद रहने की जरूरत नहीं होगी।

सीएम की ओर से वरीय अधिवक्ता अरूणव चौधरी और अधिवक्ता दीपांकर राय ने दलील दी कि हेमंत सोरेन एक संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए हर तिथि पर सशरीर पेशी उनके प्रशासनिक कार्यों में बाधा डाल सकती है और अनावश्यक दबाव भी उत्पन्न करती है। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए उन्हें राहत प्रदान की।

मामला क्या है?

यह पूरा विवाद ईडी के उन समनों से जुड़ा है, जिनका पालन न करने का आरोप हेमंत सोरेन पर लगाया गया था। ईडी ने उन्हें कथित जमीन घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में पूछताछ के लिए कई बार बुलाया था। सीएम की ओर से कहा गया था कि कुछ समन ऐसे समय भेजे गए जब वे सरकारी दायित्वों में व्यस्त थे, जबकि कुछ समन सही प्रक्रिया के तहत सर्व नहीं किए गए थे।

समन की कथित “अवहेलना” को आधार बनाकर ट्रायल कोर्ट में मामला चल रहा था। इसी को लेकर यह याचिका दायर की गई थी, जिसमें नियमित फिजिकल अपीयरेंस से छूट की मांग की गई थी।

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