Ranchi : झारखंड में चतरा एयर एंबुलेंस हादसे के बाद राज्य सरकार की एयर एंबुलेंस सेवा अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। 23 फरवरी 2026 को रेडबर्ड एयरवेज के एयर एंबुलेंस विमान हादसे में सात लोगों की मौत के बाद इस सेवा को बंद कर दिया गया है। कई महीने बीत जाने के बावजूद अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना दोबारा कब शुरू पाएगी।
सरकार की ओर से पहले यह सेवा करीब 55 हजार रुपये प्रति घंटे की दर पर उपलब्ध कराई जाती थी। इससे गंभीर मरीजों को रांची से दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद, तिरुपति और चंडीगढ़ जैसे शहरों तक अपेक्षाकृत कम खर्च में पहुंचाया जाता था। लेकिन सरकारी सेवा बंद होने के बाद निजी एयर एंबुलेंस कंपनियों ने किराये में भारी बढ़ोतरी कर दी है।जानकारी के मुताबिक, पहले रांची से दिल्ली तक एयर एंबुलेंस का खर्च करीब 6.5 लाख रुपये पड़ता था, जो अब बढ़कर लगभग 13 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
वहीं मुंबई के लिए पहले 11 से 12 लाख रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब मरीजों के परिजनों को 16 से 17 लाख रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। चेन्नई और वेल्लोर के लिए किराया 17 से 18 लाख रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि हैदराबाद के लिए भी 15 से 16 लाख रुपये तक वसूले जा रहे हैं।रांची से हर महीने औसतन 15 एयर एंबुलेंस उड़ानें संचालित होती हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद प्रमुख गंतव्य होते हैं। गंभीर मरीजों के लिए यह सेवा जीवनरक्षक मानी जाती है, लेकिन सरकारी सेवा ठप होने के कारण अब इलाज के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी परिवारों पर बढ़ गया है।
एयर एंबुलेंस सेवा की स्थिति जानने के लिए सरकार के टोल फ्री नंबर 0651-4665515 और 8210594073 पर संपर्क करने पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सेवा दोबारा शुरू करने को लेकर अभी कोई आधिकारिक सूचना उपलब्ध नहीं है। इससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।इधर, चतरा एयर एंबुलेंस हादसे की जांच अब भी जारी है।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, रांची से दिल्ली जा रहा बीचक्राफ्ट किंग एयर C90A विमान उड़ान भरने के करीब 17 मिनट बाद खराब मौसम के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस समय इलाके में घने बादल और तेज थंडरस्टॉर्म सक्रिय थे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि विमान में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर मौजूद नहीं था, जिससे हादसे की असली वजह का पता लगाना मुश्किल हो रहा है।
हादसे के वक्त विमान में दो पायलट, दो मेडिकल स्टाफ, एक मरीज और दो अटेंडेंट समेत कुल सात लोग सवार थे। दुर्घटना में सभी की मौके पर ही मौत हो गई थी।

