रांची : झारखंड में नगर निकाय चुनाव के दौरान कई इलाकों में वार्ड और बूथ बदलाव को लेकर मतदाताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें दिखीं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अपना नाम मतदाता सूची में खोजते रह गए।
कई परिवारों ने बताया कि पहले जहां पूरे घर का मतदान एक ही बूथ पर होता था, इस बार परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग वार्डों में स्थानांतरित पाए गए।


कुछ मतदाताओं का नाम पुराने वार्ड की सूची से गायब मिला, जबकि जानकारी लेने पर पता चला कि उनका नाम दूसरे वार्ड में दर्ज कर दिया गया है। इससे महिला, पुरुष और युवा मतदाता दिनभर एक बूथ से दूसरे बूथ तक भटकते नजर आए। यह स्थिति वार्ड 31,32 ,33 सहित अन्य वार्डों में भी नजर आई। मतदाता रीना सिन्हा, श्वेता कुमारी, मनीष,गौतम ने बताया कि उनका मतदान केंद्र हेहल ओटीसी ग्राउंड पास था अब उसे बदल कर रातु रोड के एक स्कूल में कर दिया गया है। वार्ड भी बदलकर 31 हो गया है। ऐसे में अब किसे वोट दे यह समझ नहीं आ रहा है पार्षद के वोट में तो और भी दिक्कत हो रही है।
कई जगहों पर मतदाता सूची में नाम नहीं मिलने से लोग निराश होकर लौट गए। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को विशेष कठिनाई का सामना करना पड़ा। मतदान कर्मियों को भी लगातार मतदाताओं के सवालों का सामना करना पड़ा और कई बूथों पर सूची जांचने में अतिरिक्त समय लगा, जिससे मतदान की रफ्तार प्रभावित हुई।

कुछ क्षेत्रों में बैलेट पेपर से मतदान के कारण भी प्रक्रिया धीमी रही। मतदाताओं को प्रतीक्षा करनी पड़ी और बूथों के बाहर भीड़ बढ़ती गई। हालांकि प्रशासन की ओर से मतदाताओं को सही बूथ की जानकारी देने के प्रयास किए गए, फिर भी वार्ड बदलाव के कारण भ्रम की स्थिति बनी रही।
मतदाताओं का कहना है कि यदि वार्ड परिवर्तन की जानकारी पहले स्पष्ट रूप से दे दी जाती तो इतनी परेशानी नहीं होती। चुनाव प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न इस अव्यवस्था ने कई लोगों में नाराजगी भी पैदा की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इन शिकायतों पर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन निकाय चुनाव के इस चरण में वार्ड और बूथ बदलाव का मुद्दा प्रमुख चर्चा का विषय बन गया है।
झारखंड की राजधानी रांची में नगर निकाय चुनाव को लेकर सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। तड़के से ही महिला, पुरुष और युवा मतदाता अपने-अपने वार्डों के बूथों पर मतदान करने पहुंच रहे हैं। शहर की ‘अपनी सरकार’ चुनने के लिए लोगों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। 9 बजे तक मतदान प्रतिशत ज्यादा नहीं है। रांची नगर निगम में 7.28% और बुंडू नगर पंचायत में 11.74% मतदान हुआ है।
रातू रोड, किशोरगंज, पिस्का मोड़ और बजरा स्थित मतदान केंद्रों पर सुबह के समय ही मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कई बूथों पर लोग निर्धारित समय से पहले पहुंचकर लाइन में खड़े दिखे। पहली बार मतदान करने पहुंचे युवाओं में अलग उत्साह देखा जा रहा है, वहीं बुजुर्ग मतदाता भी बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रहे हैं।
मतदाताओं का कहना है कि वे स्थानीय विकास की उम्मीद के साथ घरों से निकले हैं। सड़क, नाली, जलजमाव, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दे चुनाव में प्रमुख हैं। लोगों को उम्मीद है कि चुने गए पार्षद, मेयर और अध्यक्ष वार्ड स्तर की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
राजधानी रांची में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। पूरी प्रक्रिया झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग की देखरेख में चल रही है। उधर प्रत्याशी भी अपने समर्थकों के साथ वार्डों का दौरा करते नजर आ रहे हैं। हालांकि मतदान केंद्रों के आसपास आचार संहिता के पालन को लेकर प्रशासन सतर्क है। इस बार चुनाव प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है—कतार व्यवस्था, पेयजल और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। मतदाताओं की भागीदारी बढ़ने के साथ ही देर रात तक यह पता चलेगा कि मतदान प्रतिशत कितना रहा।

