- अब नहीं लगाने पड़ेंगे आरटीओ के चक्कर, परिवहन सचिव राजीव रंजन ने सभी डीटीओ को दिया निर्देश
- आधार आधारित ओटीपी से होगी खरीदार और विक्रेता की पहचान
Ranchi : झारखंड में वाहन खरीदने-बेचने के बाद स्वामित्व हस्तांतरण (ट्रांसफर ऑफ ओनरशिप) की प्रक्रिया जल्द ही पूरी तरह ऑनलाइन और फेसलेस हो जाएगी। परिवहन विभाग ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (डीटीओ) को 15 दिनों के भीतर व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है, ताकि आम लोगों को आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। परिवहन विभाग की हालिया समीक्षा बैठक में पाया गया कि वर्तमान में कई जिलों में वाहनों के स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन मोड में नहीं हो रही है। इस पर विभाग के सचिव राजीव रंजन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यक तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय सीमा में इसे पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए।
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अधिकारियों के अनुसार, वाहन स्वामित्व हस्तांतरण को फेसलेस बनाने के लिए आधार आधारित वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सत्यापन जरूरी है। इससे वाहन बेचने और खरीदने वाले व्यक्ति की पहचान डिजिटल रूप से सत्यापित की जा सकेगी। हालांकि समीक्षा में यह भी सामने आया कि कई मामलों में वाहन स्वामी या खरीदार का आधार मोबाइल नंबर से लिंक नहीं होने के कारण प्रक्रिया में व्यावहारिक परेशानी आ रही है। विभाग ने इन समस्याओं का समाधान कर सेवा को पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्देश दिया है।
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का होगा पालन
परिवहन विभाग ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना के तहत प्री-ओन्ड वाहनों और स्वामित्व हस्तांतरण से जुड़े सभी मामलों में जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। इसके लिए जिला परिवहन पदाधिकारियों को वाहन पोर्टल पर ऑनबोर्ड होकर तय प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है। प्री-ओन्ड वाहनों से जुड़े मुद्दों पर जल्द ही एक बैठक भी आयोजित की जाएगी। इसमें संयुक्त परिवहन आयुक्त, राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी, रांची के जिला परिवहन पदाधिकारी और अधिकृत डीलर शामिल होंगे।
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