जामताड़ा : जामताड़ा साइबर थाने की पुलिस ने छह ऐसे साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है जो फर्जी ई-कामर्स कंपनियों की वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। इन शातिरों ने इन ई-कामर्स कंपनियों की वेबसाइट्स पर अपना मोबाइल नंबर हेल्पलाइन के रूप में डाल रखा था। जो भी व्यक्ति अपनी अपनी जरूरतों के लिए गूगल पर सर्च कर इनकी फर्जी वेबसाइट्स खोलता था और इसे सर्च करना शुरू करता था वह इनके झांसे में आ जाता था। कस्टमर्स के डिटेल्स लेकर ये शातिर उनके मोबाइल पर एनी-डेस्क एप अपलोड करवाते और उन्हें ठगी का शिकार बना रहे थे।
पुलिस की गिरफ्त में आया शातिर उज्वल कुमार शाहनी करमाटांड़ा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव का रहने वाला है, जबकि राजेन्द्र मंडल इसी थाना क्षेत्र के ताराबहाल, राजकिशोर शाही रघुनाथपुर, अजीत कुमार मंडल फाेफनाद, अमित कुमार शाही रघुनाथपुर और कुन्दन कुमार मंडल ताराबहाल के रहने वाले हैं। सभी आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।
इस बात की जानकारी जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता बुधवार की शाम प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी। एसपी ने बताया कि विभागीय सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी राजेश कुमार मंडल की अगुवाई में छापेमारी के दौरान इन शातिरों को रंगेहाथों दबोचा गया। ये शातिर करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ताराबहाल इलाके में स्थित पदमडीह गांव के पास एक जंगल में बैठकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। छापेमारी के दौरान आरोपितों के पास से 13 मोबाइल, 18 फर्जी आईडी पर खरीदे गए सिम कार्ड, एक लैपटाप और चार बाइक बरामद हुए हैं।
देशभर में फैला था नेटवर्क, करोड़ों की ठगी का अनुमान
पुलिस जांच में सामने आया है कि इन अपराधियों का नेटवर्क सिर्फ जामताड़ा तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों को भी ये शातिर आसानी से निशाना बना रहे थे। इस पूरे मामले में जामताड़ा साइबर थाना में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कौन-कौन जुड़े हैं और कितने लोगों को इन्होंने अपना शिकार बनाया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछले तकरीबन पांच साल से यह गिरोह साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। अलग-अलग तरीकों से अबतक इन अपराधियों द्वारा करोड़ों की ठगी का अनुमान है।

