जामताड़ा । देशभर में साइबर अपराध के लिए कुख्यात झारखंड के जामताड़ा जिले में ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। इस बार साइबर अपराधियों ने एलपीजी गैस बुकिंग को माध्यम बनाकर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया है।
एक लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड और बाइक बरामद
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में नयन मंडल, राहुल उरांव और जगदीश मंडल शामिल हैं। इन्हें बिंदापाथर और नारायणपुर थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर पकड़ा गया। आरोपियों के पास से करीब एक लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
जांच में खुलासा हुआ है कि ये साइबर अपराधी लोगों को व्हाट्सएप के जरिए एलपीजी गैस बुकिंग से जुड़े फर्जी मैसेज भेजते थे। इसके बाद वे एक एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करता, उसके मोबाइल का एक्सेस अपराधियों के पास पहुंच जाता और वे बैंकिंग सहित अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके जरिए वे आसानी से लोगों के खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
इतना ही नहीं, आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर भी लोगों को झांसे में लेते थे और उनसे संवेदनशील जानकारी हासिल कर ठगी करते थे। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहा था।
एक लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल और फर्जी सिम कार्ड बरामद
साइबर थाना प्रभारी राजेश कुमार मंडल ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई, जिसके बाद इन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि एक लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद किए गए।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें और गैस बुकिंग या बैंकिंग से जुड़े किसी भी संदेश की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से ही करें।
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