RANCHI: झारखंड में कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद आदित्य प्रसाद साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ट्रेजरी से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का मामला तत्कालीन संयुक्त बिहार के चर्चित पशुपालन घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है।
आदित्य साहू ने कहा कि प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) द्वारा सरकार को भेजे गए पत्रों से यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि अवैध निकासी का दायरा व्यापक है और इसमें केवल छोटे कर्मचारी या पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि एक संगठित तंत्र की भूमिका हो सकती है। उन्होंने राज्य सरकार पर जांच के नाम पर आईवॉश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल छोटे स्तर के कर्मियों की गिरफ्तारी कर गंभीरता दिखाने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से पांच अहम सवालों के जवाब मांगे हैं। इनमें रांची, चाईबासा और अन्य जिलों के मामलों को सीआईडी जांच के दायरे से बाहर रखने का कारण, ई-कुबेर पोर्टल में कथित छेड़छाड़ के बावजूद डीडीओ और ट्रेजरी अधिकारियों की भूमिका, राज्य स्तर पर हुए ऑडिट और डेटा एनालिसिस की स्थिति, जांच समितियों की समय-सीमा और बीते छह वर्षों में ट्रेजरी निरीक्षण का ब्योरा शामिल है। उन्होंने मांग की कि सरकार श्वेत पत्र जारी कर बताए कि किन जिलों में कितनी राशि की अवैध निकासी हुई और महालेखाकार ने किन अनियमितताओं की ओर संकेत किया है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से जुड़े इस गंभीर मामले में पारदर्शिता जरूरी है और निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच ही एकमात्र विकल्प प्रतीत होता है।

