जमशेदपुर : सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक के नए पाठ्यक्रम जारी करने की घोषणा कर दी है। बोर्ड द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, कक्षा 11 और 12 का पाठ्यक्रम 1 अप्रैल 2026 को जारी किया गया, जबकि कक्षा 9 और 10 का पाठ्यक्रम गुरूवार को किया गया। इसमें स्कूलों के प्रिंसिपल शामिल हुए। इस दौरान बताया गया कि इस वर्ष कक्षा 9 में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-2023) के तहत नई अध्ययन योजना लागू की जा रही है, जिसके चलते पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
इन बदलावों को स्पष्ट करने के लिए ही यह वेबिनार आयोजित किया जाएगा, जिसका सीधा प्रसारण यूट्यूब पर भी हुआ। इस दौरान सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे नया पाठ्यक्रम सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर शिक्षकों और छात्रों के साथ साझा करें।
बोर्ड ने स्कूलों को नए दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक तैयारियां करने और पाठ्यक्रम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। यह पाठ्यक्रम कौशल-आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक सीख और समग्र विकास पर केंद्रित है। साथ ही, स्कूल प्रमुखों को अभिभावक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से इन बदलावों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नई किताब में भारतीय लेखकों को प्राथमिकता
नई किताब में भारतीय लेखकों और भारतीय ज्ञान परंपरा को ज्यादा महत्व दिया गया है। इसमें रवींद्रनाथ टैगोर, सुधा मूर्ति, सुब्रमण्यम भारती, तेमसुला एओ और मित्रा फुकन की रचनाएं शामिल की गई हैं। साथ ही “द वर्ल्ड ऑफ लिमिटलेस पॉसिबल” नाम से एक नया अध्याय जोड़ा गया है, जिसमें पैरालंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक की प्रेरक कहानी दी गई है। इन बदलावों से छात्रों को कम सिलेबस में बेहतर समझ मिलेगी। पढ़ाई अब ज्यादा इंटरैक्टिव और रुचिकर होगी। साथ ही, बच्चों का ध्यान रटने के बजाय समझ और व्यावहारिक ज्ञान पर रहेगा।
सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
आंध्र प्रदेश में 2 से 8 अप्रैल 2026 तक आईजीओटी (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 30 मार्च 2026 को जारी निर्देशों के अनुसार चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणाली के माध्यम से सुशासन और सतत विकास को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण के समन्वय की जानकारी दी जा रही है। इस श्रृंखला में “साधन” नामक विशेष मॉड्यूल शामिल है, जो कार्यकुशलता और निर्णय क्षमता को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। इसके अलावा कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए डिजिटल कौशल आधारित सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में “योगा ब्रेक एट वर्कप्लेस” जैसी पहल को शामिल कर कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही “इनोवेट विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: ए डिजाइनिंग थिंकिंग एप्रोच” विषय पर सत्र आयोजित कर आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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