RANCHI: भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य महिलाओं के सहयोग और सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में गीता कोड़ा ने कहा कि इस अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से वे अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि देश निर्माण की सारथी बनेंगी। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सरकार हमेशा से महिला सशक्तिकरण के पक्ष में रही है। पिछले एक दशक में महिलाओं के लिए कई योजनाएं लाई गई हैं, जिनसे उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि 33 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, 69 प्रतिशत महिलाओं को मुद्रा योजना के तहत ऋण मिला, 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को गैस कनेक्शन मिला है।
गीता कोड़ा ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनावों में महिलाओं ने अपनी क्षमता साबित की है। अब विधानसभा और संसद में भी उनकी भागीदारी बढ़ने से नीति निर्माण में महिलाओं से जुड़े मुद्दों का बेहतर समाधान हो सकेगा। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि संसद के विशेष सत्र में इस अधिनियम का समर्थन करें, ताकि 2029 और 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इस दौरान उन्होंने नंबर जारी कर लोगों से मिस्ड कॉल के जरिए अधिनियम का समर्थन करने की अपील की।

