
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत नोवामुंडी क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात एक बार फिर बढ़ गया है। पिछले एक सप्ताह से जगन्नाथपुर, मझगांव और नोवामुंडी इलाकों में हाथियों का झुंड लगातार गांवों में घुसकर फसल और घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। शनिवार की रात गितीकुंदु, बड़ा पसेया, लम्पाहेसा, सेलदौरी और चिरूपसेया गांवों में हाथियों का झुंड पहुंच गया। हाथियों को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लगातार हो रहे नुकसान से आक्रोशित ग्रामीणों ने रात भर जागकर मोर्चा संभाला। करीब 300 ग्रामीण महिलाओं, युवकों और बच्चों के साथ मशाल लेकर निकले और वन विभाग के कर्मियों के साथ मिलकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दंतैल हाथी ने मझगांव में एक घर में घुसकर करीब 40 किलो अनाज नष्ट कर दिया। कई जगहों पर खड़ी फसल को भी तहस-नहस कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी न सिर्फ खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि घरों में रखा अनाज भी खा जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से यह सिलसिला जारी है, लेकिन वन विभाग हाथियों को नियंत्रित करने और उन्हें जंगल की ओर भगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।
विभागीय टीम के पहुंचने में देरी और पर्याप्त संसाधनों के अभाव के कारण ग्रामीणों को खुद ही रात भर पहरा देना पड़ रहा है। इलाके में दहशत का माहौल है। बच्चे और बुजुर्ग भी रात में सो नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग तत्काल प्रभावी कदम उठाए और हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल में वापस भेजे। इसके साथ ही फसल और घरों को हुए नुकसान का मुआवजा भी दिया जाए। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथियों पर नजर रखी जा रही है और उन्हें भगाने के लिए टीम तैनात की गई है।

