
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में आगामी रथ यात्रा और मेला के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पुख्ता विधि-व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए रविवार को जिला उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिले के आला अधिकारियों और पुलिस कप्तानों को सुरक्षा व व्यवस्था से जुड़े कई कड़े निर्देश जारी किए गए।
रूट का भौतिक निरीक्षण और बुनियादी तैयारियां
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने इलाकों में रथ मेला और पूजा स्थलों का पहले ही जाकर मुआयना (निरीक्षण) कर लें। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि रथ यात्रा के तय मार्गों का भौतिक रूप से जायजा लें, ताकि:
- सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को समय रहते भरा जा सके।
- रास्ते में लटक रहे बिजली के तारों को दुरुस्त किया जाए, जिससे कोई दुर्घटना न हो।
- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग और रास्तों पर पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) की व्यवस्था हो।
- भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा बल की तैनाती
मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने ‘क्राउड मैनेजमेंट’ (भीड़ प्रबंधन) का खाका तैयार किया है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जरूरत के मुताबिक दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट) और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
शांति समिति की बैठक और गश्ती के निर्देश
सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पूजा समितियों के साथ शांति समिति की बैठक करने को कहा गया है। इसके अलावा, सुरक्षा का भरोसा जगाने के लिए संवेदनशील इलाकों में पुलिस द्वारा नियमित गश्ती और फ्लैग मार्च निकालने के निर्देश दिए गए हैं। पूजा समिति के पदाधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर एक अपडेटेड कांटेक्ट लिस्ट भी तैयार रखने को कहा गया है।
तकनीक से निगरानी और अफवाहों पर रोक
सुरक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए उपायुक्त ने प्रमुख रास्तों और आयोजन स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को तुरंत चालू और ठीक रखने की हिदायत दी। भीड़ पर पैनी नजर रखने के लिए जरूरत पड़ने पर ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
सोशल मीडिया की हर गतिविधि पर नजर
सोशल मीडिया की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। भड़काऊ या झूठी अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता किसी भी असत्यापित या बिना जांच वाली खबर पर भरोसा न करें और शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
मेडिकल, पार्किंग और फायर सेफ्टी के कड़े निर्देश
समीक्षा बैठक में बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई।
स्वास्थ्य: सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि वे मेला स्थलों पर मेडिकल टीम और पर्याप्त एंबुलेंस की मुस्तैदी सुनिश्चित करें।
फायर ब्रिगेड: अग्निशमन विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर टेंडर के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
यातायात: ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए गाड़ियों की पार्किंग की अलग व्यवस्था करने और सड़क सुरक्षा के मद्देनजर विशेष वाहन जांच अभियान चलाने का आदेश दिया गया है।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में अपर उपायुक्त, सिविल सर्जन, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित जिले के सभी एसडीओ, बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारी मुख्य रूप से शामिल हुए।

