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Chaibasa : मंडल कारा चाईबासा: बंदियों ने सीखा औषधीय पौधों की खेती का हुनर, ‘प्रोजेक्ट परिवर्तन’ के तहत 10 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

Chaibasa : समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि 'प्रोजेक्ट परिवर्तन' का असल मकसद बंदियों के भीतर छिपे हुनर को निखारना है, ताकि वे आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकें।

by Rajeshwar Pandey
Chaibasa News: Project Parivartan Trains Inmates in Medicinal Plant Cultivation
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार के मार्गदर्शन में शनिवार को मंडल कारा, चाईबासा में एक विशेष पहल का समापन हुआ। ‘प्रोजेक्ट परिवर्तन’ के तहत बंदियों के लिए आयोजित औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़े 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले बंदियों को प्रमाण-पत्र सौंपकर उनका हौसला बढ़ाया।

वैज्ञानिक पद्धति और स्वरोजगार पर रहा जोर

आरसेटी (RSETI) के सहयोग से यह विशेष प्रशिक्षण शिविर 02 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक आयोजित किया गया था। इस 10 दिनों के दौरान बंदियों को औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी वैज्ञानिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें न सिर्फ पौधों के उत्पादन और संरक्षण के तरीके सिखाए गए, बल्कि तैयार उत्पाद के विपणन (मार्केटिंग) और स्वरोजगार शुरू करने के व्यावहारिक व तकनीकी पहलुओं से भी अवगत कराया गया।

हथकड़ी से नहीं, हुनर से बनाएं पहचान: उपयुक्त

समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट परिवर्तन’ का असल मकसद बंदियों के भीतर छिपे हुनर को निखारना है, ताकि वे आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकें। उन्होंने बंदियों को प्रेरित करते हुए एक बेहद संवेदनशील बात कहा कि आप सभी अपनी पहचान हथकड़ी से नहीं, बल्कि अपने हुनर और कौशल से बनाएं। कारागार से मुक्त होने के बाद यह प्रशिक्षण आपके लिए सम्मानजनक आजीविका कमाने और समाज में एक सकारात्मक पहचान स्थापित करने का सबसे बड़ा जरिया बनेगा।

कारागार में अब रोज मिलेगा समाचार पत्र

बंदियों के मानसिक विकास और उन्हें देश-दुनिया की खबरों से जोड़े रखने के लिए उपायुक्त ने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अब मंडल कारा के बंदियों को रोजाना समाचार पत्र (न्यूजपेपर) उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपने ज्ञान को बढ़ा सकें और समसामयिक विषयों से अपडेट रह सकें।

रक्तदाताओं की भी हुई सराहना

कार्यक्रम के समापन पर जहां एक ओर सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र बांटे गए, वहीं दूसरी ओर उपायुक्त ने सामाजिक सरोकार की भी सराहना की। मंडल कारा के जिन पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने हाल ही में स्वैच्छिक रक्तदान किया था, उन्हें भी उपायुक्त ने प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया और उनके इस मानवीय कार्य की प्रशंसा की।

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