चाईबासा: टाटा कॉलेज चाईबासा के प्राचार्य के अचानक ट्रांसफर-पोस्टिंग और कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता की कथित मनमानी के खिलाफ हजारों छात्रों ने शुक्रवार को कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन का घेराव कर अनिश्चितकालीन विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने मुख्य द्वार पर जमकर नारेबाजी की और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया।
बैनर-पोस्टर लेकर कॉलेज परिसर से कोल्हान विश्वविद्यालय पहुंचे छात्र
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे टाटा कॉलेज के छात्र-छात्राएं बैनर-पोस्टर लेकर कॉलेज परिसर से जुलूस की शक्ल में निकले और कोल्हान विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे। प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। छात्रों ने ‘कुलपति मनमानी बंद करो’, ‘प्राचार्य का ट्रांसफर वापस लो’, ‘नियमित पढ़ाई हो और परीक्षा’ जैसे नारे लगाए।
धरना-प्रदर्शन के कारण चार घंटे आवागमन बाधित
इधर धरना-प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर करीब चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा। प्रशासनिक भवन में कामकाज भी प्रभावित हुआ। मौके पर मुफस्सिल थाना पुलिस बल के साथ तैनात रही। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र कुलपति से सीधी वार्ता की मांग पर अड़े रहे। घटना को लेकर कुलपति डॉ. एंजिला गुप्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से बढ़ता कर रहे हैं, लेकिन छात्र अपने मांगों को लेकर अडिग है।
क्या है छात्रों का आरोप
छात्र संघ के सचिव पीपुन बारीक ने कहा कि टाटा कॉलेज के प्राचार्य का अचानक ट्रांसफर बिना किसी ठोस कारण के कर दिया गया है। इससे कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि यूजीसी पार्ट वान का छात्रों का एडमिशन 1 साल पहले हुआ था। लेकिन अभी तक परीक्षा नहीं हुई। ना ही परीक्षा पर कोई फैसला लिया गया।
छात्रों का आरोप, मनमाने फैसले ले रहीं कुलपति
जिससे छात्रों का भविष्य दांव पर है। छात्रों का आरोप है कि कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता लगातार मनमाने फैसले ले रही हैं। न तो छात्रों से संवाद किया जाता है और न ही कॉलेज प्रशासन की राय ली जाती है। उन्होंने कहा कि पीपुन बारीक ने चेतावनी दी कि यदि प्राचार्य का ट्रांसफर रद्द कर उन्हें वापस नहीं लाया गया और कुलपति ने छात्र हित में फैसले नहीं लिए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। अनिश्चितकालीन धरना तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं।

