रांची : झारखंड की राजधानी रांची में कांके रोड से रिंग रोड तक फ्लाईओवर निर्माण की कार्ययोजना लगभग तैयार हो गई है। राज्य सरकार के निर्देश पर पथ निर्माण विभाग ने इसके निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कराया है। परियोजना की अनुमानित लागत 846.80 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसका अध्ययन किया जा रहा है। इस परियोजना को स्वीकृति मिलने पर यह राजधानी का सबसे लंबा फोरलेन फ्लाईओवर होगा, जो ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा।
राजधानी में पहले से हरमू रोड फ्लाईओवर, अरगोड़ा चौक और करमटोली चौक के पास भी फ्लाईओवर निर्माण की योजनाएं प्रस्तावित हैं। हरमू फ्लाईओवर को कैबिनेट से स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही टेंडर जारी होने की संभावना है। यह फ्लाईओवर सहजानंद चौक से किशोरगंज होते हुए रातू रोड चौक और कांके रोड स्थित एसीबी कार्यालय तक जुड़ेगा। इसके बाद कांके-रिंग रोड फ्लाईओवर पर काम आगे बढ़ेगा।
एलपीएन शाहदेव चौक से रिंग रोड तक बनेगा फ्लाईओवर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर कांके रोड स्थित जस्टिस एलपीएन शाहदेव चौक (रांची-पतरातू रोड) से रिनपास होते हुए रिंग रोड (नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी) तक करीब 8.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड/ केबल-स्टे/ एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना को शहर के ट्रैफिक सिस्टम में बड़ा बदलाव लाने वाली पहल माना जा रहा है।
वर्तमान में कांके रोड से रिंग रोड होते हुए पतरातू तक फोरलेन सड़क है, जहां सीएम आवास सहित कई वीआईपी आवास स्थित हैं। भारी ट्रैफिक दबाव के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसी को देखते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव को विभागीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। सहमति मिलने के बाद इसे राज्य प्राधिकृत समिति के पास भेजा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने के बाद कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास का भी आकलन
परियोजना में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और यूटिलिटी शिफ्टिंग की आवश्यकता का भी आकलन किया गया है। लागत के अनुसार सड़क और संबंधित कार्यों पर 542.20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
ब्रिज स्ट्रक्चर, जिसमें नींव, सब-स्ट्रक्चर और सुपर-स्ट्रक्चर शामिल हैं। इस पर भी बड़ी राशि खर्च होगी। इसके अलावा छोटे पुल, पुलिया और कल्वर्ट भी बनाए जाएंगे।
जीएसटी, लेबर सेस, एजेंसी चार्ज और सुपरविजन शुल्क भी लागत में शामिल किए गए हैं। जलापूर्ति पाइपलाइन और बिजली लाइनों की शिफ्टिंग के लिए अलग बजट रखा गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए 40 करोड़ और पुनर्वास के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी में यातायात दबाव कम होने और रिंग रोड तक तेज व सुगम कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। खासकर पतरातू रोड और रिनपास क्षेत्र के बीच रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
फ्लाईओवर में दो रैंप बनाने का प्रस्ताव है। चांदनी चौक और रिनपास के पास रैंप निर्माण की योजना तैयार की गई है।

