Jamshedpur : जमशेदपुर में ट्रैफिक पुलिस में यातायात चेकिंग प्वाइंट्स के फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का खाका तैयार किया है। ट्रैफिक पुलिस सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी करेगी और अगर कहीं भी ट्रैफिक व्यवस्था या ट्रैफिक पुलिस को बदनाम करने के लिए कोई फेक वीडियो वायरल किया जाएगा तो ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में डीएसपी ट्रैफिक नीरज ने आदेश जारी किया है।
गौरतलब है कि विगत दिनों में ट्रैफिक पुलिस और चेकिंग के कई वीडियो वायरल हुए हैं। इनमें ट्रैफिक सिपाहियों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। इन मामलों में कार्रवाई भी हुई है। कई मामलों में वीडियो सही पाए गए थे। इसके बाद तत्कालीन एसएसपी ने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया था कि वह उन्हीं स्थानों पर चेकिंग करें जहां आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हों। कुछ दिनों तक इस आदेश का पालन हुआ लेकिन अब फिर यहां वहां वाहन चेकिंग का दौर शुरू हो गया है।
ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि कई यूट्यूबर और इनफ्लुएंसर ट्रैफिक चेकिंग प्वाइंट का वीडियो बनाकर उसमें फेर बदल कर वायरल कर देते हैं। यही नहीं, कुछ लोग ट्रैफिक चेकिंग प्वाइंट का वीडियो बना कर वायरल कर देते हैं और लोगों को आगाह कर देते हैं कि किन किन इलाकों में चेकिंग चल रही है। इसके बाद लोग दूसरे रास्ते से निकल जाते हैं। माना जा रहा है कि इस वजह से ट्रैफिक पुलिस की जुर्माने से हो रही कमाई पर असर पड़ रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ अब ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई के लिए कमर कस चुकी है।
कोट
डीएसपी ट्रैफिक नीरज ने बताया कि अगर ट्रैफिक पुलिस से संबंधित कोई भी व्यक्ति फेक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करता है तो ऐसा करना गलत है। कोई किसी को बदनाम करेगा तो उस पर कार्रवाई जायज है।

