रांची : झारखंड सरकार ने पेट्रोल पंप संचालकों और खुदरा शराब विक्रेताओं को बड़ी राहत देते हुए वैट कर संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने का फैसला लिया है। सरकार के नए प्रावधान के तहत अब कुछ श्रेणी के कारोबारियों को त्रैमासिक कर विवरणी और मासिक सार विवरण जमा करने की (फॉर्म जे वैल्यू एडेड टैक्स -200) दाखिल करने की बाध्यता नहीं होगी। इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के सचिव अमित कुमार के हस्ताक्षर दिन अधिसूचना जारी कर दी गई है।
नए प्रावधान के अनुसार, राज्य में पंजीकृत ऐसे खुदरा पेट्रोल पंप, जो किसी तेल कंपनी के स्वामित्व में नहीं हैं और झारखंड में पंजीकृत विक्रेताओं से पेट्रोल या हाई स्पीड डीजल खरीदकर उसकी बिक्री करते हैं, उन्हें अब त्रैमासिक कर विवरणी दाखिल नहीं करनी होगी।
इसी तरह, झारखंड राज्य पेय पदार्थ निगम अथवा राज्य में पंजीकृत थोक विक्रेताओं से शराब खरीदकर खुदरा बिक्री करने वाले लाइसेंसधारी शराब विक्रेताओं को भी त्रैमासिक कर विवरणी जमा करने से छूट दी गई है। हालांकि होटल, रेस्टोरेंट, बार, क्लब और माइक्रो ब्रुअरी द्वारा की जाने वाली शराब बिक्री इस छूट के दायरे में नहीं आएगी।
सरकार ने मासिक सार विवरण जमा करने के नियमों में भी बदलाव किया है। अब उपरोक्त दोनों श्रेणियों के कारोबारियों को मासिक सार विवरण दाखिल करने की बाध्यता से भी मुक्त कर दिया गया है। विभाग का मानना है कि इस निर्णय से कारोबारियों पर कागजी कार्यवाही और अनुपालन का बोझ कम होगा।
साथ ही व्यापार संचालन की प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम बनेगी। इससे पेट्रोल पंप संचालकों और खुदरा शराब विक्रेताओं को प्रशासनिक राहत मिलने के साथ-साथ समय और संसाधनों की भी बचत होगी। यह नई व्यवस्था 2 जून 2026 से प्रभावी की गई है। राज्य सरकार के इस फैसले को व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।

