Home » Chakradharpur Rail News : चक्रधरपुर मंडल में सिग्नल ठेका घोटाला : Dy. CSTE सत्यम कुमार की गिरफ्तारी के बाद कोलकाता मुख्यालय तक पहुंची CBI जांच की आंच

Chakradharpur Rail News : चक्रधरपुर मंडल में सिग्नल ठेका घोटाला : Dy. CSTE सत्यम कुमार की गिरफ्तारी के बाद कोलकाता मुख्यालय तक पहुंची CBI जांच की आंच

Chakradharpur Rail News : 5 लाख की रिश्वत लेते हावड़ा स्टेशन पर पकड़ा गया अधिकारी, MRT कंपनी के निदेशकों पर भी शिकंजा

by Rajeshwar Pandey
Chakradharpur Signal Contract Scam CBI Probe Reaches Kolkata Headquarters
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में सिग्नल और दूरसंचार विभाग के बड़े ठेकों और बिल पास कराने के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। मामले में चक्रधरपुर रेल मंडल के सिग्नल और दूरसंचार विभाग इंजीनियर
Dy. CSTE सत्यम कुमार की गिरफ्तारी के बाद CBI की जांच अब कोलकाता स्थित गार्डेनरीच मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई है।

5 लाख की रिश्वत का मामला, हावड़ा से हुई गिरफ्तारी

CBI की शुरुआती जांच में सामने आया कि कोलकाता की कंपनी में एमआरटी सिंगल लिमिटेड M/s MRT Signals Ltd. के निदेशक और प्रतिनिधि रेलवे अधिकारियों से साठगांठ कर ठेका पास कराने और बिल मंजूर कराने में अनुचित फायदा ले रहे थे। 24 जुलाई 2026 की रात 10 बजे CBI ने स्टेशन डायरी G.D. Entry No. 3969 के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। केस संख्या RC0102026A0005 है।

जांच में खुलासा

जांच में पता चला कि मई 2026 में कंपनी के प्रतिनिधि अमित टिबरेवाल ने अपने कर्मचारी सचिन झा के माध्यम से चक्रधरपुर में सिग्नल और दूरसंचार विभाग इंजीनियर सत्यम कुमार को 5 लाख रुपये नकद दिए थे। यह रकम MRT कंपनी की वेरिएशन फाइल आगे बढ़ाने और विशेष लाभ दिलाने के बदले दी गई थी।

कोलकाता तक फैला है नेटवर्क

CBI के अनुसार कंपनी के निदेशक अंकित अंचलिया और प्रतिनिधि अमित टिबरेवाल चक्रधरपुर से लेकर कोलकाता मुख्यालय तक फाइल पास कराने के लिए पैरवी कर रहे थे। वे HUN वेरिएशन फाइल को लेकर सत्यम कुमार और उनके वरिष्ठ अधिकारी CSTE बीके पटेल के लगातार संपर्क में थे।

24 जुलाई को सत्यम कुमार ने फोन पर अमित टिबरेवाल को बताया कि वे MRT Signals Ltd. के वेरिएशन बिल और सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट की मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं और इसके लिए गार्डेनरीच में CSTE बीके पटेल का इंतजार कर रहे हैं।CBI अब यह भी जांच रही है कि क्या इस एवज में कोई रकम CSTE बीके पटेल तक पहुंचाई गई है। पूरे मामले की जांच ASP तरुण कुमार सिन्हा कर रहे हैं।

हावड़ा स्टेशन पर बिछाया गया जाल

बातचीत के दौरान तय हुआ कि रिश्वत की बकाया राशि 25 जुलाई की सुबह हावड़ा स्टेशन पर दी जाएगी। सत्यम कुमार को हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस पकड़नी थी। योजना थी कि ट्रेन छूटने से पहले अमित टिबरेवाल का आदमी स्टेशन पर बैग देकर चला जाएगा।लेकिन CBI ने पहले से घेराबंदी कर रखी थी। हावड़ा स्टेशन पर ही सत्यम कुमार को रिश्वत की रकम के साथ दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित भी कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला

चक्रधरपुर मंडल में S&T विभाग के ठेकों में गड़बड़ी और बिल पास कराने में अनियमितता की शिकायतें काफी समय से थीं। CBI का मानना है कि कंपनी और रेल अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
CBI ने कंपनी के दस्तावेज, कॉल रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन खंगालना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है।

Read Also: Saranda Naxal : सारंडा और कोल्हान के 16 कुख्यात नक्सली कल करेंगे सरेंडर, इन पर घोषित था कुल 60 लाख रुपये का इनाम

Related Articles

Leave a Comment