
रांची: झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने अपनी लंबित मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने के विरोध में 4 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। मुख्य सचिव झारखंड को इस आंदोलन से अवगत भी करा दिया गया है। संघ के महासचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सेवा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार को कई बार मांग पत्र सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसके अलावा हाल के दिनों में कार्मिक विभाग द्वारा सचिवालय सेवा के प्रतिकूल कई निर्णय लिए गए हैं, जिससे कर्मियों में असंतोष है।
उन्होंने कहा कि संघ की प्रमुख मांगों में संयुक्त सचिव एवं उप सचिव के पदों के सृजन के लंबित प्रस्ताव को मंजूरी, 4 अप्रैल 2014 के संकल्प संख्या-3286 का लाभ सचिवालय सेवा को भी उपलब्ध कराना, लंबित प्रोन्नतियों को देय तिथि से सभी लाभों के साथ स्वीकृत करना तथा सचिवालय सेवा से जुड़े किसी भी नीतिगत निर्णय, सेवा नियमों में संशोधन या कैडर पुनर्गठन से पहले संघ का पक्ष लेना शामिल है।
राजेश कुमार सिंह ने कहा कि संघ का उद्देश्य सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। इसी कारण विधानसभा सत्र को देखते हुए पहले चरण में प्रतीकात्मक आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार 4 अगस्त को प्रोजेक्ट भवन और नेपाल हाउस परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित कर आंदोलन का संकल्प लिया जाएगा। 5 अगस्त को दोपहर 1:30 से 2:00 बजे तक मानव श्रृंखला बनाकर एकजुटता और न्यायोचित मांगों के समर्थन का संदेश दिया जाएगा। इसके बाद 6 से 12 अगस्त तक “काला बैज सप्ताह” मनाया जाएगा, जिसमें कर्मचारी नियमित कार्यालयीन कार्य करते हुए काला बैज धारण करेंगे और प्रतिदिन संवाद, जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करेंगे। महासचिव ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी सरकार उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आमसभा की सहमति से संघ व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।

