
रांची : बोकारो की लापता किशोरी मामले की सुनवाई में झारखंड हाईकोर्ट ने जांच की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जांच की प्रगति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष सोमवार को हुई सुनवाई में सीबीआई और सीआईडी ने जांच की अद्यतन स्थिति से अदालत को अवगत कराया। जांच एजेंसियों ने अब तक जुटाए गए साक्ष्यों और उठाए गए कदमों की जानकारी दी, लेकिन अदालत ने जांच की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया।
खंडपीठ ने पूछा कि लगभग छह वर्ष बीत जाने के बाद भी किशोरी का पता क्यों नहीं चल सका है और जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बाद अदालत ने सीबीआई के एसपी को अगली सुनवाई में स्वयं उपस्थित होकर अब तक की कार्रवाई और आगे की रणनीति से अवगत कराने का निर्देश दिया।
गौरतलब है कि किशोरी 16 अक्टूबर 2020 से लापता है। इस संबंध में बोकारो के पिंडराजोरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस की सुपरविजन रिपोर्ट में इसे अपहरण का मामला माना गया था। घटनास्थल के पास किशोरी की साइकिल, चप्पल और किताबें बरामद हुई थीं। मामले की जांच फिलहाल सीआईडी कर रही है।
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