
Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सोमवार को मानगो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि निगम को नगर निकाय की बजाय “प्राइवेट लिमिटेड कंपनी” की तरह संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की कार्यशैली से निगम का माहौल खराब हुआ है और यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो जनता इसका जवाब देगी।
जनता दल (यू) की ओर से आयोजित तथा भाजपा, आजसू और लोजपा के समर्थन से मानगो नगर निगम की कथित विकास विरोधी नीतियों और तानाशाही के खिलाफ आयोजित धरना को संबोधित करते हुए सरयू राय ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य जनता की सेवा और विकास कार्यों को गति देना है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में कुछ लोग पूरे निगम को अपने तरीके से चला रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 38 विकास योजनाओं का शिलान्यास होने के बावजूद उन्हें शुरू नहीं किया गया। निगम को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर इन योजनाओं को लागू करने से क्यों रोका गया। उन्होंने कहा कि जनता के हित से जुड़े कार्यों में इस तरह की देरी स्वीकार्य नहीं है।
सरयू राय ने हाल में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि नगर निगम से संबंधित गोपनीय दस्तावेज एक बाहरी व्यक्ति तक कैसे पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी ने गोपनीय दस्तावेज बाहर दिए हैं तो यह गंभीर मामला है और इस पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
उन्होंने नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि योजनाओं का पूरा पैसा खर्च दिखाया जाता है, जबकि कार्य अधूरे रह जाते हैं। नालों की सफाई का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि अधिकांश नालों की सफाई नहीं हुई, लेकिन भुगतान पूरा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ठेकेदार अपनी गलतियों को छिपाने के लिए अधिकारियों को पैसे देते हैं, जो भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण है।
सरयू राय ने कहा कि नगर विकास मंत्री से वह पहले भी मांग कर चुके हैं कि नगर निगम के कार्यों को दो हिस्सों में बांटा जाए। एक भाग में जनसुविधा से जुड़े कार्य और दूसरे भाग में विकास योजनाएं हों, ताकि दोनों पर प्रभावी निगरानी हो सके।
उन्होंने दावा किया कि निगम की कार्यशैली से कई पार्षद भी असंतुष्ट हैं और यदि चाहें तो मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें पद से हटा सकते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं है, लेकिन स्थिति यही संकेत दे रही है।
विधायक ने यह भी कहा कि अपर नगर आयुक्त उनकी चिट्ठियों का जवाब नहीं देते, जबकि नियमों के अनुसार जनप्रतिनिधियों के पत्रों का जवाब देना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धरना को संबोधित करते हुए भाजपा नेता अभिनव सिंह ने कहा कि मेयर को यह समझना चाहिए कि उनके अपने पार्षद भी उनकी कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं। यदि विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
आजसू के जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह ने आरोप लगाया कि मेयर के कार्यकाल में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक मद की योजनाओं में भी बाधाएं डाली जा रही हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूर्व मेयर प्रत्याशी संध्या सिंह ने कहा कि वर्तमान मेयर मानगो की समस्याओं और गलियों से परिचित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जो बताया जाता है, उसी आधार पर निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने टैंकर सेवा बंद किए जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता का समर्थन किसी भी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता।
धरना कार्यक्रम में रवींद्र सिंह सिसौदिया, पवन सिंह, अमृता मिश्रा, उषा यादव, शिरीन अख्तर, ममता सिंह, आफताब अहमद सिद्दिकी, सतीश सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नू, लालू गौड़, प्रवीण सिंह, अजय कुमार, विकास साहनी समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

