
चाईबासा : झारखंड अधिकारी शिक्षक और कर्मचारी महासंघ, पश्चिमी सिंहभूम के बैनर तले सोमवार को जिले भर में “MACP अधिकार – प्रतिवाद दिवस” मनाया गया। महासंघ के आह्वान पर जिले के प्राथमिक, मध्य, उच्च और प्लस-2 विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मियों ने लंच अवधि में एकजुट होकर शांतिपूर्ण विरोध किया। इस दौरान शिक्षा सचिव द्वारा जारी उस विभागीय आदेश की प्रतीकात्मक प्रति जलाई गई, जिसमें शिक्षकों को अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह MACP का लाभ नहीं दिया गया है।
शिक्षकों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं : राउत
जिला अध्यक्ष मनोज राउत ने कहा कि शिक्षकों को MACP से वंचित रखना सरासर भेदभाव है। यह किसी भी सूरत में मान्य नहीं होगा। सरकार को तुरंत इस आदेश को वापस लेकर शिक्षकों को भी अन्य राज्यकर्मियों के समान MACP का लाभ देना चाहिए।प्रमंडलीय समन्वयक सपन कुमार साहू ने कहा कि शिक्षक समुदाय अपने अधिकारों पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। सरकार को अपने वादे निभाते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना होगा।जिला सचिव हेमनाथ मिश्रा ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन की सिर्फ शुरुआत है। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज कर राज्य स्तर तक ले जाया जाएगा।
बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल
विरोध में कोषाध्यक्ष गौर हरि महतो, पूर्व जिला सचिव परमेश्वर प्रधान, संजय देवगम, सुमित कुमार हासदा, मंजीत बानरा, विनय कुमार महतो, मनोज कुमार मिश्रा, त्रिलोचन साहू, विनोद कुमार ओझा सहित जिले के सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में विभागीय आदेश को रद्द करने की मांग की।
महासंघ ने सफल प्रदर्शन के लिए सभी विद्यालयों के शिक्षकों का आभार जताया और सरकार से मांग की कि शिक्षकों को अन्य सरकारी कर्मियों की भांति MACP का लाभ अविलंब दिया जाए।
प्रदर्शन के दौरान “शिक्षक भी हैं सरकारी, MACP पर सबकी बराबरी” और “पाना है अपना अधिकार – चलो मुख्यमंत्री के द्वार” जैसे नारे गूंजे।

