रांची : मनरेगा कर्मियों की लंबित मांगों और जारी आंदोलन के बीच झारखंड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ और झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से मुलाकात कर ग्रेड-पे सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासंघ के महासचिव सुशील कुमार पांडेय और संघ के अध्यक्ष महेश सोरेन ने किया।
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मनरेगा कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वर्तमान समय में मनरेगा योजना के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि योजना को मजबूत बनाए रखने के लिए कर्मियों और सरकार के बीच संवाद का माहौल जरूरी है। मंत्री ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए सभी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कर्मियों से हड़ताल खत्म कर काम पर वापस आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी हड़ताल का असर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और विकास कार्यों पर पड़ा है। ऐसे में राज्य और मजदूरों के व्यापक हित को देखते हुए कर्मियों को वार्ता के रास्ते आगे बढ़ना चाहिए। मंत्री ने ग्रेड-पे समेत अन्य न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा भी दिया।
मुलाकात के बाद महासंघ के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी तथा लंबित मांगों के समाधान की दिशा में ठोस पहल होगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
बैठक में विकास कुमार यादव, पंकज कुमार, अमित कुमार, महेश सोरेन, आशुतोष श्रीवास्तव, गौतम कुमार सिंह, दिवाकर केसरी सहित अनेक मनरेगा कर्मी उपस्थित थे।

