चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में परिवहन सेवाओं को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और जनोन्मुखी बनाने की कवायद चल रही है। उपायुक्त मनीष कुमार ने गुरुवार को समाहरणालय सभागार में परिवहन विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना, राजस्व वसूली, सड़क सुरक्षा, वाहन नीलामी, प्रवर्तन कार्रवाई और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना की समीक्षा करते हुए चयनित मार्गों पर अधिक से अधिक वाहनों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वीकृत रूटों पर लंबित वाहन परिचालन कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और पात्र लाभार्थियों तक इसका लाभ समय पर पहुंचे।
राजस्व वसूली और लंबित मामलों के निष्पादन के निर्देश
परिवहन विभाग को राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप ठोस कार्ययोजना तैयार करने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। उपायुक्त ने बकाया कर और प्रवर्तन से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का जल्द निष्पादन करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के निपटारे से न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि विभागीय राजस्व में भी वृद्धि होगी।
तैयार की जाएगी नीलामी योग्य वाहनों की सूची
जिले के विभिन्न थाना और अस्पताल परिसरों में लंबे समय से खड़े नीलामी योग्य वाहनों की सूची तैयार की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि ऐसे वाहनों की नीलामी प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए ताकि सरकारी परिसरों में अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों की समस्या का समाधान हो सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।
सड़क सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने जिला सड़क सुरक्षा टीम को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां प्रभावी रोकथाम उपाय लागू करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही हिट एंड रन मुआवजा योजना से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।
पेट्रोल पंपों में सीसीटीवी और ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करें
उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार को पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक कर जिले में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सड़क सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी पेट्रोल पंपों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर भी जोर दिया।
ड्राइविंग प्रशिक्षण और सड़क सुरक्षा उपकरणों की होगी समीक्षा
बैठक में ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जिले में संचालित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश दिया। उन्होंने सड़क सुरक्षा अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए ब्रीद एनालाइजर, बैरियर, टॉर्च, स्लाइडर सहित अन्य आवश्यक उपकरणों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा।
महिलाओं को मिलेगा टोटो ड्राइविंग का प्रशिक्षण
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उपायुक्त ने महिलाओं के लिए विशेष टोटो ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी। इसके अलावा सड़क किनारे संचालित ढाबों के कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के लिए क्विक रिस्पांस ट्रेनिंग और विशेष कार्यशालाओं के आयोजन पर भी बल दिया गया।
बेहतर परिवहन व्यवस्था के लिए समन्वित प्रयास जरूरी
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया।

