
देवघर : श्रावणी मेला 2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए देवघर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में अनुमंडल कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मेला क्षेत्र की यातायात व्यवस्था, नो-एंट्री जोन, सार्वजनिक परिवहन और किराया निर्धारण जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने की।
उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी आवाजाही को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाए रखने के लिए यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन कराने के लिए सभी संबंधित विभागों और परिवहन संगठनों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
देवघर में नो-एंट्री जोन का सख्ती से होगा पालन
बैठक में मेला क्षेत्र और देवघर शहर के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित नो-एंट्री जोन का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि शहर में अनावश्यक ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन द्वारा निर्धारित रूटलाइन के अनुसार ही वाहनों का संचालन कराया जाएगा। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष निगरानी भी रहेगी।
टोटो और ऑटो का किराया रहेगा निर्धारित
श्रद्धालुओं से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए प्रशासन ने टोटो (ई-रिक्शा), ऑटो सहित अन्य स्थानीय परिवहन सेवाओं का किराया तय करने का निर्णय लिया है। इसके लिए संबंधित वाहन संचालकों और सेवा प्रदाताओं को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेला के दौरान किसी भी श्रद्धालु से निर्धारित दर से अधिक शुल्क नहीं लिया जाए और सभी यात्रियों को पारदर्शी एवं उचित किराया व्यवस्था का लाभ मिल सके।
परिवहन संगठनों को दिए गए आवश्यक निर्देश
बैठक में बस, ऑटो और टोटो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन और परिवहन संगठनों के सहयोग से ही श्रावणी मेला का सफल संचालन संभव है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं, ताकि मेला के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर प्रशासन का विशेष फोकस
देवघर प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक नियंत्रण, परिवहन व्यवस्था, निर्धारित किराया, सड़क सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन ने सभी वाहन संचालकों और संबंधित विभागों से निर्देशों का पालन करने तथा श्रद्धालुओं के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार करने की अपील की है, जिससे राजकीय श्रावणी मेला सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल तरीके से संपन्न कराया जा सके।
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